मुज़फ्फरनगर | इन दिनों प्रदेश भर में पोस्टर वार छिड़ा हुआ है। इस पोस्टर वार ने न केवल प्रदेश का माहौल बिगाड़ने का काम किया है, बल्कि देश में भी जहर घोलने का प्रयास किया है | धार्मिक पोस्टरों ने एक नया विवाद खड़ा कर दिया है।
इस पोस्टर वार की आंच बरेली से लेकर मुज़फ्फरनगर तक पहुंच चुकी है। हाल ही में शहर के मुख्य स्थानों पर धार्मिक पोस्टर एक हिंदू संगठन की ओर से लगाए गए थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस हरकत में आई और समय रहते पोस्टर हटवाकर संभावित विवाद को टाल दिया।इसी कड़ी में मुज़फ्फरनगर के खालापार क्षेत्र में भी कुछ युवकों द्वारा माहौल बिगाड़ने के उद्देश्य से सार्वजनिक स्थानों और वाहनों पर स्टिकर चिपकाए जा रहे थे। पुलिस ने मौके से दो युवकों को स्टिकरों और पोस्टरों के साथ रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया, जबकि एक युवक भागने में सफल रहा।

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार युवकों की पहचान सिंदबाद पुत्र इस्तकार, निवासी सरफराज वाली गली थाना खालापार, और नावेद पुत्र मुख्तार, निवासी दक्षिणी खालापार, जनपद मुज़फ्फरनगर के रूप में हुई है। वहीं फरार आरोपी का नाम बालिग हसन बताया गया है, जिसकी तलाश जारी है।छानबीन में सामने आया कि इन युवकों ने स्टिकर सिविल लाइन थाना क्षेत्र की एक प्रिंटिंग प्रेस से छपवाए थे। पुलिस ने वहां दबिश देकर कंप्यूटर और प्रिंटर जब्त कर लिया है। मामले में गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया है।पोस्टर वार के बीच मुज़फ्फरनगर पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि समाज में शांति, भाईचारा और कानून व्यवस्था बनाए रखना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। नागरिक किसी भी अफवाह या भ्रामक खबर की पुष्टि पुलिस/प्रशासन से करें। यदि कोई भी व्यक्ति कानून विरोधी कृत्य करेगा या सौहार्द बिगाड़ने का प्रयास करेगा तो उसके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।
