नई दिल्ली और बीजिंग के बीच संबंधों में सुधार की उम्मीद के साथ, शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन के लिए चीन की दो दिवसीय यात्रा पर गए प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात की चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ अपनी द्विपक्षीय बैठक के दौरान, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि पिछले साल कज़ान में उनकी बहुत ही उपयोगी चर्चा हुई थी जिसने भारत-चीन संबंधों को सकारात्मक दिशा दी। उन्होंने आगे कहा कि सीमा पर सैनिकों की वापसी के बाद, शांति और स्थिरता का माहौल बना है।

नई दिल्ली और बीजिंग के बीच संबंधों में सुधार की उम्मीद के साथ, शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन के लिए चीन की दो दिवसीय यात्रा पर गए प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात की चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ अपनी द्विपक्षीय बैठक के दौरान, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि पिछले साल कज़ान में उनकी बहुत ही उपयोगी चर्चा हुई थी जिसने भारत-चीन संबंधों को सकारात्मक दिशा दी। उन्होंने आगे कहा कि सीमा पर सैनिकों की वापसी के बाद, शांति और स्थिरता का माहौल बना है।

नई दिल्ली और बीजिंग के बीच संबंधों में सुधार की उम्मीद के साथ, शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन के लिए चीन की दो दिवसीय यात्रा पर गए प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात की चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ अपनी द्विपक्षीय बैठक के दौरान, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि पिछले साल कज़ान में उनकी बहुत ही उपयोगी चर्चा हुई थी जिसने भारत-चीन संबंधों को सकारात्मक दिशा दी। उन्होंने आगे कहा कि सीमा पर सैनिकों की वापसी के बाद, शांति और स्थिरता का माहौल बना है।

चीन द्वारा आयोजित ‘एससीओ प्लस’ शिखर सम्मेलन में विभिन्न देशों के 20 नेता भाग ले रहे हैं। चीन इस वर्ष रूस, भारत, ईरान, कजाखस्तान, किर्गिस्तान, पाकिस्तान, ताजिकिस्तान, उज्बेकिस्तान, बेलारूस और चीन के 10 सदस्यीय समूह का अध्यक्ष है। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भी शिखर सम्मेलन में भाग ले रहे हैं। यहां पहुंचे नेताओं में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ, नेपाल के प्रधानमंत्री के.पी. शर्मा ओली और मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू शामिल हैं। नेताओं का शिखर सम्मेलन सोमवार को होगा।

चीन के सहायक विदेश मंत्री लियू बिन ने पहले कहा था कि एससीओ का अब तक का सबसे बड़ा शिखर सम्मेलन इस वर्ष चीन में राष्ट्राध्यक्षों और घरेलू कूटनीति के सबसे महत्वपूर्ण आयोजनों में से एक होगा। उन्होंने कहा था कि शिखर सम्मेलन में अपने मुख्य भाषण में शी चिनफिंग ‘‘शंघाई भावना’’ को आगे बढ़ाने और लोगों की अपेक्षाओं पर खरा उतरने के लिए एससीओ के लिए चीन के नए दृष्टिकोण एवं प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा करेंगे।

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