प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने और पर्यावरण संरक्षण की अपील का असर अब बिहार की राजनीति पर दिखने लगा है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी आज यानी शुक्रवार को वाहन निषेध दिवस मना रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री आवास से सचिवालय तक 50 मीटर की दूरी पैदल चलकर तय की। बिहार सरकार में मंत्री उपेंद्र कुशवाहा के पुत्र दीपक प्रकाश भी अपने आधिकारिक आवास से सचिवालय तक पैदल चलकर गए। उन्होंने लगभग 1 किलोमीटर की दूरी तय की।

मुख्यमंत्री की पहल के बाद, आज शुक्रवार को सचिवालय के अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी वाहनों का इस्तेमाल नहीं किया। सचिवालय के कर्मचारी साइकिल और सार्वजनिक परिवहन से कार्यालय आए। सामान्य दिनों की तुलना में सचिवालय परिसर के आसपास सरकारी वाहनों की संख्या कम दिखाई दी, जबकि कई अधिकारी अपने निजी वाहनों से या पैदल चलकर कार्यालय पहुंचते हुए देखे गए। गुरुवार को मुख्यमंत्री पटना से दरभंगा जाते समय तीन वाहनों के साथ हवाई अड्डे पहुंचे। इससे पहले उनके काफिले में 19 वाहन हुआ करते थे। दरभंगा कार्यक्रम में उन्होंने लोगों से सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने की अपील की।

निजी और सरकारी कार्यालयों में घर से काम करने की व्यवस्था लागू की जानी चाहिए। मंत्रियों और जन प्रतिनिधियों को अपने वाहनों की संख्या कम करनी चाहिए। सप्ताह में एक दिन वाहन निषेध दिवस घोषित किया जाना चाहिए। प्रधानमंत्री के ईंधन बचाने के संदेश पर अमल करते हुए बिहार सरकार के खनन-भूविज्ञान और कला-संस्कृति मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार गुरुवार को रेलगाड़ी से गया पहुंचे। वहीं, केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय की बिहार यात्रा के दौरान उनकी सुरक्षा में सीआरपीएफ और बिहार पुलिस का एक-एक वाहन तैनात रहेगा। इस संबंध में नित्यानंद के कार्यालय से बिहार सरकार को पत्र लिखा गया है। साथ ही, नित्यानंद राय ने समर्थकों से स्वागत कार्यक्रम के दौरान वाहनों की संख्या सीमित रखने की अपील की है।

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