संकट के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईंधन बचाने की अपील की है. संभव हो तो ईवी वाहनों का उपयोग करने और सप्ताह में एक दिन गाड़ी न चलाने जैसे बयान भी सत्ता पक्ष के नेता-मंत्री दे रहे हैं. इन सबके बीच पीएम मोदी की अपील का असर बिहार में दिखने लगा है. बुधवार (13 मई, 2026) को औरंगाबाद के प्रधान जिला जज राजीव रंजन कुमार साइकिल से कोर्ट पहुंचे.
जिला जज ने यह कदम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उस अपील के समर्थन में उठाया, जिसमें लोगों से इस वैश्विक ऊर्जा संकट और अमेरिका-ईरान युद्ध के चलते बढ़ती ईंधन कीमतों के बीच पेट्रोल-डीजल बचाने का आग्रह किया गया है. जिला जज ने अपने दानी बिगहा स्थित सरकारी आवास से पुरानी जीटी रोड, समाहरणालय के मुख्य द्वार होते करीब दो किलोमीटर की दूरी तय की और व्यवहार न्यायालय पहुंचे.
अंगरक्षक भी साइकिल से ही पहुंचे कोर्ट
ध्यान देने वाली बात यह भी रही कि प्रधान जिला जज के साथ उनके जितने अंगरक्षक थे वे भी साइकिल से ही उनके साथ कोर्ट पहुंचे. साइकिल यात्रा के बाद प्रधान जिला जज का यह वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है. प्रधान जिला जज ने आम लोगों को संदेश देने के लिए यह कदम उठाया है कि ईंधन बचाने की जिम्मेदारी केवल जनता की नहीं, बल्कि न्यायाधीशों की भी है. न्यायाधीश की इस पहल की शहर में प्रशंसा हो रही है.
मध्य प्रदेश से भी आई थी ऐसी तस्वीर
बता दें कि बिहार से पहले ऐसी तस्वीर मध्य प्रदेश से सामने आई थी. हाई कोर्ट के जस्टिस द्वारकाधीश बंसल (डीडी बंसल) साइकिल चलाकर कोर्ट पहुंचे थे. जबलपुर शहर की भीड़भाड़ वाली सड़कों पर उन्होंने करीब तीन किलोमीटर तक साइकिल चलाई. अब ऐसी तस्वीर बिहार से सामने आई है जिसकी काफी चर्चा हो रही है.
