मुजफ्फरनगर। नेपाल की राजधानी काठमांडू में भड़की हिंसा के बीच कई दिनों तक होटल में कैद रहने को मजबूर श्रद्धालु आखिरकार सुरक्षित अपने घर लौट आए। जानकारी के अनुसार मुजफ्फरनगर, बागपत और बिजनौर के कुल दस श्रद्धालु भगवान पशुपतिनाथ और मुक्तिनाथ के दर्शन के लिए 7 सितंबर को नेपाल गए थे। वापसी 14 सितंबर को प्रस्तावित थी, लेकिन बीच में भड़की हिंसा ने उन्हें काठमांडू में रोक दिया।
जानकारी के अनुसार हालात बिगड़ने के कारण यात्रियों को होटल से बाहर निकलने की अनुमति नहीं थी। परिजन लगातार चिंता में डूबे हुए थे। इस बीच नगर विधायक एवं व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने विदेश मंत्रालय से संपर्क साधा। मंत्रालय ने तुरंत भारतीय दूतावास को सक्रिय किया और राहत कार्य शुरू हुआ। दूतावास की मदद से सभी श्रद्धालुओं को सुरक्षित एयरपोर्ट तक पहुंचाया गया।
सुरक्षित लौटने वालों में मुजफ्फरनगर के भाजपा नेता सुनील तायल, कुलदीप सिंह, प्रवीन गोयल, सचिन गुप्ता, वरुण धनकर, पवन कुमार, अजय जैन, आसू बंसल, बागपत निवासी भोपाल सिंह और बिजनौर निवासी एक श्रद्धालु शामिल रहे। यात्रियों ने बताया कि उन्हें वापसी के लिए निजी हवाई टिकट सामान्य से तीन गुना कीमत पर लेने पड़े। इसके बावजूद सभी ने सकुशल वापसी पर राहत की सांस ली।दिल्ली एयरपोर्ट पर जैसे ही सभी श्रद्धालु पहुंचे, परिजन खुशी से झूम उठे। किसी की आंखों से आंसू छलक पड़े तो किसी ने अपनों को गले लगाकर राहत जताई। यात्रियों ने भारत सरकार, विदेश मंत्रालय और कपिल देव अग्रवाल का आभार व्यक्त किया और कहा कि संकट की घड़ी में जिस तरह सहयोग मिला, उसने हिम्मत बनाए रखी।
