नई दिल्ली/बर्लिन | 15 फरवरी । सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के अधीन राष्ट्रीय फिल्म विकास निगम (एनएफडीसी) ने बर्लिन अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव के साथ आयोजित यूरोपीय फिल्म बाजार (ईएफएम) 2026 में महाराष्ट्र की भागीदारी को सफलतापूर्वक सुगम बनाया। इस वैश्विक मंच पर महाराष्ट्र ने अपनी फिल्म निर्माण क्षमताओं और सांस्कृतिक विरासत का प्रभावशाली प्रदर्शन किया।
महाराष्ट्र के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व महाराष्ट्र सरकार के सूचना प्रौद्योगिकी एवं सांस्कृतिक मामलों के मंत्री आशीष शेलार ने किया।
यह आयोजन भारत पर्व में भारत के व्यापक सांस्कृतिक और औद्योगिक प्रचार अभियान का हिस्सा था।
इस दौरान, महाराष्ट्र फिल्म स्टेज एंड कल्चरल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड ने राज्य के जीवंत फिल्म पारिस्थितिकी तंत्र और फिल्म निर्माण, सह-निर्माण और सांस्कृतिक आदान-प्रदान के लिए महाराष्ट्र को एक वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करने पर चर्चा की।
मुंबई के दादासाहेब फाल्के चित्रनगरी – फिल्म सिटी में विश्व स्तरीय बुनियादी ढांचे पर विशेष ध्यान दिया गया। यह एक एकीकृत निर्माण केंद्र है जिसे फिल्म निर्माण की हर प्रक्रिया में सहयोग देने के लिए डिजाइन किया गया है, जिसमें विशेष रूप से निर्मित स्टूडियो, आउटडोर सेट, पोस्ट-प्रोडक्शन सुविधाएं और तकनीकी बुनियादी ढांचा एक ही स्थान पर मौजूद हैं।
प्रतिनिधिमंडल ने मराठी सिनेमा की रचनात्मक और व्यावसायिक क्षमता का प्रदर्शन किया और अंतर्राष्ट्रीय फिल्म समारोहों में इसकी बढ़ती उपस्थिति को रेखांकित किया। चर्चा का केंद्र बिंदु वैश्विक सह-निर्माण के अवसरों का विस्तार, प्रतिभाओं का आदान-प्रदान और फिल्म पर्यटन था, साथ ही क्षेत्रीय कहानी कहने की कला को बदलते वैश्विक बाजार रुझानों के अनुरूप ढालना भी था।
इस दौरान, महाराष्ट्र की प्रगतिशील नीतिगत रूपरेखा, वित्तीय सहायता तंत्र और फिल्म निर्माता-अनुकूल वातावरण को अंतर्राष्ट्रीय सहयोग के प्रमुख कारकों के रूप में प्रस्तुत किया गया।
इस प्रतिनिधिमंडल में सांस्कृतिक मामलों के सचिव किरण कुलकर्णी, सांस्कृतिक मामलों के उप सचिव महेश वावल, महाराष्ट्र फिल्म स्टेज एंड कल्चरल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड की प्रबंध निदेशक स्वाति म्हासे पाटिल, संयुक्त प्रबंध निदेशक प्रशांत सजनिकर, विशेष कार्य अधिकारी सुचित्रा देशपांडे, सांस्कृतिक समन्वय अधिकारी मंगेश राउल और फिल्म निर्माता मनोज कदम मौजूद रहे।
