मुज़फ्फरनगर । 8वें नेशनल नेचुरोपैथी डे के अवसर पर लाला चतर सैन जैन प्राकृतिक चिकित्सालय, अतिशय क्षेत्र वहलना में प्राकृतिक चिकित्सा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी गई, प्राकृतिक आहार पर कार्यशाला हुई, नेचुरोपैथ को सम्मानित किया गया और विद्यार्थियों को प्राकृतिक चिकित्सा के बारे में जागरूक किया गया।नेशनल नेचुरोपैथी डे पर आयोजित इस कार्यक्रम की शुरुआत प्राकृतिक चिकित्सा के प्रबल समर्थक महात्मा गांधी को श्रद्धा सुमन अर्पित कर हुई। इसके बाद प्राकृतिक आहार विषय पर कार्यशाला आयोजित की गई, जिसमें विशेषज्ञों ने बताया कि प्रकृति आधारित भोजन, जल चिकित्सा, मिट्टी चिकित्सा और सूर्य स्नान जैसे उपचार शरीर को स्वाभाविक रूप से स्वस्थ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

प्राकृतिक चिकित्सा के क्षेत्र में कार्य कर रहे नेचुरोपैथ धीरेंद्र गुप्ता और ऋषभ गुप्ता को चाइल्ड पब्लिक इंटर कॉलेज प्रधानाचार्य प्रवेंद्र दहिया और डॉ. राजीव कुमार ने स्मृति चिन्ह और अंगवस्त्र भेंटकर सम्मानित किया। इस दौरान होली चाइल्ड पब्लिक इंटर कॉलेज के जड़ौदा के विद्यार्थियों ने चिकित्सालय का भ्रमण किया।

इस दौरान नेचुरोपैथ ने विद्यार्थियों को प्राकृतिक चिकित्सा की विधियों, उपचार तकनीकों और उपकरणों की जानकारी दी तथा शिक्षण सामग्री उपलब्ध कराई गई, जिससे वे प्राकृतिक चिकित्सा को बेहतर ढंग से समझ सकें।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नेचुरोपैथ धीरेंद्र गुप्ता और ऋषभ गुप्ता ने कहा कि नेचुरोपैथी का मूल सिद्धांत है कि शरीर अपनी प्राकृतिक क्षमता से रोगों को ठीक कर सकता है। इसमें दवाओं के बजाय पानी, सूर्य, मिट्टी, प्राकृतिक भोजन और योग जैसी प्रकृति आधारित विधियों को प्राथमिकता दी जाती है।इस वर्ष 8वां प्राकृतिक चिकित्सा दिवस और इंडियन योग एसोसिएशन के मार्गदर्शन में मनाया गया। कार्यक्रम में योगाचार्य सतकुमार, योगाचार्य योगेश कुमार और संस्थान के पूरे स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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