मुजफ्फरनगर। अवैध शस्त्रों के निर्माण और तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना बुढ़ाना पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने ईख के खेत में संचालित हो रही अवैध शस्त्र निर्माण फैक्ट्री का भंडाफोड़ करते हुए दो शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। मौके से भारी मात्रा में बने-अधबने तमंचे और शस्त्र बनाने के उपकरण बरामद किए गए हैं।इस संबंध में एसएसपी संजय वर्मा ने प्रेस वार्ता कर बताया कि अवैध असलहों के खिलाफ जनपद में लगातार सघन अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में थाना बुढ़ाना पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि बुढ़ाना-कांधला मार्ग से मंदवाड़ा जाने वाले रास्ते पर ईख के खेत में अवैध तमंचों का निर्माण किया जा रहा है।
सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और दो अभियुक्तों को रंगे हाथों दबोच लिया।गिरफ्तार अभियुक्तों के कब्जे से 315 बोर के 11 तमंचे, एक पौनिया, एक 12 बोर दोनाली पौनिया, 315 बोर के छह अधबने तमंचे, एक अधबनी पौनिया तथा सात लोहे की नालें बरामद हुई हैं। इसके अलावा ड्रिल मशीन, वेल्डिंग मशीन, लोहे की आरी, वेल्डिंग रॉड, लोहे की रॉड और अन्य उपकरण भी मौके से जब्त किए गए।गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान असलम और महताब के रूप में हुई है। पूछताछ में दोनों ने स्वीकार किया कि वे स्थान बदल-बदल कर अवैध शस्त्र निर्माण करते थे और तैयार तमंचों को स्थानीय स्तर पर आपराधिक तत्वों को बेचते थे। पुलिस ने दोनों के खिलाफ आयुध अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।

एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने बताया कि अभियुक्त महताब का आपराधिक इतिहास बेहद गंभीर है, जिस पर लूट, हत्या के प्रयास, गैंगस्टर एक्ट और आर्म्स एक्ट सहित कई संगीन मुकदमे दर्ज हैं, जबकि असलम भी पूर्व में हत्या के प्रयास और अवैध शस्त्र मामलों में जेल जा चुका है।उन्होंने कहा कि इस कार्रवाई से अवैध हथियारों की सप्लाई चेन को बड़ा झटका लगा है और अपराध नियंत्रण की दिशा में यह अहम कदम है। जनपद में अब तक 512 अवैध असलहे, 1022 कारतूस और तीन शस्त्र फैक्ट्रियां बरामद की जा चुकी हैं। प्रेसवार्ता के दौरान एसपी देहात आदित्य बंसल एवं सीओ बुढ़ाना गजेंद्र पाल मौजूद रहे | इस सराहनीय कार्रवाई पर थाना बुढ़ाना पुलिस टीम को ₹20,000 के नकद पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।
