मुजफ्फरनगर। भारतीय ई-रिक्शा मजदूर यूनियन के बैनर तले सैकड़ों चालकों ने सोमवार को कलेक्ट्रेट परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया। यूनियन ने ट्रैफिक पुलिस द्वारा प्रस्तावित ई-रिक्शा रूट निर्धारण का विरोध किया और साथ ही शहर के बीचोंबीच बने रोडवेज और शामली बस स्टैंड को शहर से बाहर स्थानांतरित करने की मांग उठाई।यूनियन के अध्यक्ष सुदेश कुमार गौतम ने कहा कि यह रूट निर्धारण छोटे शहर मुजफ्फरनगर के लिए पूरी तरह अनुचित है। “हम पहले भी इसका विरोध कर चुके हैं। सरकार का यह फैसला हमारी आजीविका पर सीधा असर डालेगा। हम किसी भी हाल में रूट निर्धारण लागू नहीं होने देंगे,” उन्होंने जोर देकर कहा।प्रदर्शनकारियों का कहना है कि शहर में जाम की असली वजह ई-रिक्शा नहीं बल्कि अतिक्रमण और शहर के मध्य बने बस स्टैंड हैं। रोडवेज और शामली बस अड्डा, जबकि उनकी जमीन स्वीकृत है, फिर भी शहर के बीच में होने से यातायात बाधित होता है।

यूनियन ने मांग की कि इन बस स्टैंडों को शहर की सीमा के बाहर स्थानांतरित किया जाए।ट्रैफिक विभाग का कहना है कि 2 अक्टूबर से लागू होने वाले रूट निर्धारण से शहर की यातायात व्यवस्था में सुधार होगा। हालांकि, अधिकारियों ने यह संकेत भी दिए कि चालकों की आपत्तियों को गंभीरता से सुना जाएगा और आगे की कार्रवाई पर विचार किया जा सकता है।प्रदर्शन में शामिल ई-रिक्शा चालकों ने नारेबाजी कर अपनी नाराजगी जताई। प्रशासन ने प्रदर्शन को शांतिपूर्ण रखने के लिए पर्याप्त इंतजाम किए। इस घटना ने शहर की ट्रैफिक समस्याओं और उनके समाधान को लेकर एक बार फिर बहस छेड़ दी है।

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