मुज़फ़्फरनगर।
भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय तथा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत गठित 17वीं कॉमन रिव्यू मिशन टीम सोमवार को जनपद मुज़फ़्फरनगर पहुँची। टीम का मुख्य उद्देश्य जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, संसाधनों की उपलब्धता, राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन, रोग नियंत्रण उपायों और मरीजों को दी जा रही सुविधाओं का प्रत्यक्ष मूल्यांकन करना रहा। निरीक्षण के दौरान टीम ने जिला पुरुष चिकित्सालय का विस्तृत दौरा किया। यहाँ टीम के सदस्यों ने आपातकालीन विभाग, रक्त बैंक, पोषण पुनर्वास केंद्र, शल्य कक्ष और क्षय रोग विभाग का गहन निरीक्षण किया। टीम ने मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं, दवा वितरण प्रणाली, उपकरणों की कार्यशीलता, अस्पताल की स्वच्छता व्यवस्था, अभिलेख संधारण तथा चिकित्सा एवं पैरामेडिकल स्टाफ की उपस्थिति और कार्यप्रणाली की बारीकी से समीक्षा की।

इसके बाद टीम ने जिला महिला चिकित्सालय का भ्रमण किया, जहाँ नवजात शिशु देखभाल कक्ष (एसएनसीयू), महिला बाह्य रोगी विभाग और मातृ-शिशु विंग का अवलोकन किया गया। इस अवसर पर टीम ने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं, प्रसव पूर्व एवं पश्चात देखभाल, नवजात शिशु उपचार प्रणाली, प्रसूति कक्ष की स्थिति और अस्पताल की समग्र व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने उपस्थित चिकित्सकों और नर्सिंग स्टाफ से सेवाओं की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए आवश्यक सुधार संबंधी सुझाव भी साझा किए। टीम ने इसके उपरांत रोग निगरानी कार्यक्रम (आईडीएसपी) कार्यालय का भी दौरा किया। यहाँ उन्होंने जिला स्तर पर रोग निगरानी तंत्र, आंकड़ा संकलन, विश्लेषण एवं रिपोर्टिंग प्रक्रिया का निरीक्षण किया। टीम ने यह भी जाना कि जनपद में संक्रामक रोगों की रोकथाम के लिए क्या प्रयास किए जा रहे हैं और आपातकालीन स्वास्थ्य स्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया की क्या व्यवस्था है।

निरीक्षण के दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुनील तेवतिया ने टीम को जनपद में संचालित स्वास्थ्य सेवाओं, मानव संसाधन की उपलब्धता, चिकित्सकों की तैनाती, दवा आपूर्ति प्रणाली, राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रगति तथा विभिन्न स्वास्थ्य अभियानों की स्थिति के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने यह भी बताया कि जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त प्रयासों से स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में लगातार सुधार हो रहा है। टीम के सदस्यों ने निरीक्षण के बाद कहा कि मुज़फ़्फरनगर में स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने की दिशा में सकारात्मक प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने अस्पतालों की साफ-सफाई व्यवस्था, अभिलेख संधारण और मातृ-शिशु देखभाल प्रणाली की सराहना की, साथ ही कुछ क्षेत्रों में सुधार हेतु सुझाव भी दिए।

निरीक्षण दल में डॉ. सिम्मी तिवारी (संयुक्त निदेशक, राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र), सुश्री मौतुसी देबनाथ (वरिष्ठ परामर्शदाता, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, स्वास्थ्य मंत्रालय), डॉ. विनीत कुमार पाठक (सहायक प्राध्यापक), श्री नीरज गौतम (वरिष्ठ परामर्शदाता, गुणवत्ता एवं सार्वजनिक स्वास्थ्य), श्री निशांत शर्मा (वरिष्ठ परामर्शदाता, औषध प्रबंधन एवं योजना), डॉ. मनोज शुक्ला (महाप्रबंधक – आरआई), डॉ. सुनील वर्मा (संयुक्त निदेशक, पैरामेडिकल), डॉ. अमित सिंह (संयुक्त निदेशक, प्रशासन), श्री संदीप कनौजिया (लेखा परीक्षक, उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन) तथा मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुनील तेवतिया सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
टीम ने दिनभर चले इस निरीक्षण के दौरान मुज़फ़्फरनगर की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को करीब से समझा और सरकार को सौंपे जाने वाली अपनी समीक्षा रिपोर्ट में इन अवलोकनों को शामिल करने की बात कही।
