मुजफ्फरनगर। श्री राम कॉलेज के सामने स्थित परिक्रमा मार्ग पर वर्षों से चली आ रही जलभराव की समस्या को लेकर सोमवार को प्रशासनिक स्तर पर सख्ती दिखाई दी। मेरठ रोड स्थित पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में आयोजित समीक्षा बैठक में राज्यमंत्री कपिलदेव अग्रवाल और जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने विकास प्राधिकरण, नगर पालिका और जल निगम के अधिकारियों को एक साथ बैठाकर स्थिति की गहन समीक्षा की।बैठक में सामने आया कि लगातार जलभराव के कारण क्षेत्र में आवागमन बाधित है और छात्रों समेत स्थानीय नागरिकों को रोजाना परेशानी उठानी पड़ रही है। विभागों द्वारा प्रस्तुत किए गए प्रस्तावों को अव्यवहारिक और अधूरे बताते हुए राज्यमंत्री ने अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए और स्पष्ट कहा कि आपसी समन्वय के बिना किसी भी योजना को आगे नहीं बढ़ाया जाएगा।जिलाधिकारी ने नाला निर्माण और जल निकासी से जुड़ी योजनाओं पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि अस्थायी उपायों से समस्या खत्म नहीं होगी।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वर्तमान स्थिति के साथ-साथ आने वाले वर्षों की जरूरतों को ध्यान में रखकर व्यापक और स्थायी समाधान तैयार किया जाए। इसके लिए मौके पर जाकर सर्वे कराने और आसपास की कॉलोनियों की निकासी व्यवस्था को योजना में शामिल करने के निर्देश भी दिए गए।बैठक के दौरान यह भी साफ किया गया कि कार्य में देरी या लापरवाही को अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। डीएम ने चेतावनी दी कि यदि जिम्मेदार विभाग एक-दूसरे पर दोष मढ़ते रहे तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ उच्च स्तर पर कार्रवाई की संस्तुति की जाएगी।प्रशासन के इस कड़े रुख के बाद अधिकारियों में हलचल देखी गई। वहीं क्षेत्र के लोगों को उम्मीद है कि अब केवल बैठकों तक सीमित रहने के बजाय जमीनी स्तर पर काम होगा और परिक्रमा मार्ग को जलभराव से स्थायी राहत मिल सकेगी।
