मुज़फ्फरनगर।जिलाधिकारी उमेश मिश्रा के आदेश और सहायक श्रम आयुक्त देवेश सिंह के निर्देशन में श्रम विभाग, थाना एएचटी, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण और चाइल्ड हेल्पलाइन की संयुक्त टीम ने जिले में बाल श्रम विरोधी अभियान चलाया। अभियान सुजड़ू, शामली बाईपास, सांझक, तावली, हरसोली, शाहपुर और बुढ़ाना कस्बे में चलाया गया, जहां 27 नाबालिग बच्चे काम करते हुए मिले और 20 सेवायोजकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई।कार्रवाई जिन प्रतिष्ठानों पर हुई, उनमें तस्लीम स्वीट्स तावली, साद होटल बुढ़ाना, श्री बालाजी ऑटो सर्विस सेंटर शाहपुर, शिव ऑटो सर्विस पार्ट्स शाहपुर, खान होटल शाहपुर, शांति होंडा सर्विस सेंटर शाहपुर, महादेव ऑटो पार्ट्स बुढ़ाना आदि शामिल रहे।श्रम परिवर्तन अधिकारी बालेश्वर सिंह ने बताया कि 18 वर्ष से कम आयु के बच्चे से श्रम कराना अपराध है, जिसके लिए बाल श्रम अधिनियम 1986 में 20,000–50,000 रुपये जुर्माना, एक वर्ष की कैद, या दोनों का प्रावधान है।
दुकानदारों को चेतावनी दी गई कि किसी भी स्थिति में नाबालिग से काम न कराएं।सहायक श्रम आयुक्त देवेश सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी का लक्ष्य वर्ष 2027 तक प्रदेश को बाल श्रम मुक्त बनाना है। राष्ट्रीय बाल आयोग के निर्देश अनुसार यह अभियान 1 दिसंबर से लगातार जारी है।जस्ट राइट फॉर चिल्ड्रन संस्था और ग्रामीण समाज विकास केंद्र के सहयोग से संस्था प्रबंधक गजेंद्र सिंह ने अपील की कि बच्चों के हाथों में औजार नहीं, किताबें दी जाएं।अभियान में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से गौरव मालिक, थाना एएचटी टीम से एसआई जगत सिंह, एसआई छोटेलाल, एसआई अमनेश सिंह, चाइल्ड हेल्पलाइन से सचिन कुमार व भुवनेश्वर आदि मौजूद रहे।
