मुजफ्फरनगर। शहर के बाजारों में लगातार बढ़ते दबाव और अव्यवस्थित ट्रैफिक को देखते हुए जिला प्रशासन ने शुक्रवार को नई कार्ययोजना के तहत सड़कों का वास्तविक सर्वे शुरू किया। सर्वे टीम ने भीड़भाड़ वाले इलाकों में पैदल घूमकर उन स्थानों को चिन्हित किया, जहां रोजाना छोटे-बड़े अवरोध ट्रैफिक को प्रभावित करते हैं। इस दौरान टीम ने दुकानों के सामने लगी अवैध पार्किंग, सड़क किनारे खड़ी ई-रिक्शा लाइन और फुटपाथ पर हो रही गतिविधियों का बारीकी से निरीक्षण किया।सर्वे में पाया गया कि शहर के पुराने बाजारों में कई जगहों पर फुटपाथों का उपयोग दुकानों के विस्तार के रूप में किया जा रहा है, जबकि कुछ स्थानों पर ठेले और छोटे वाहन लगातार जाम की वजह बनते हैं।

अधिकारियों ने मौके पर ही स्थानीय व्यापारियों से बात कर समस्याओं का समाधान निकालने का प्रयास किया।प्रशासनिक टीम ने पहली बार बिना किसी दंडात्मक कार्रवाई के व्यापारियों से संवाद कर उन्हें सुझाव दिए कि मुख्य सड़कों से कुछ फीट की दूरी बनाए रखना अनिवार्य होगा। अधिकारियों ने कहा कि आने वाले दिनों में शहर की प्रमुख सड़कों का पुनः डिजाइन तैयार किया जाएगा, जिसमें पार्किंग ज़ोन, ई-रिक्शा स्टैंड और पैदल पथ को प्राथमिकता दी जाएगी।एसपी ट्रैफिक अतुल कुमार चौबे ने बताया कि विभाग शहर में ट्रैफिक सुधार को लेकर एक दीर्घकालिक मॉडल लागू करने जा रहा है। इसके तहत ई-रिक्शा रूट तय करने, बाजारों में प्रवेश समय सीमित करने और वन-वे सिस्टम लागू करने जैसे कदमों पर विचार किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि फुटपाथ और रोड लाइन को मुक्त रखना सबसे पहली आवश्यकता है, इसलिए आगे की कार्रवाई सर्वेक्षण रिपोर्ट के आधार पर की जाएगी।शहरवासियों को भी इस प्रक्रिया में शामिल किया जा रहा है। कई नागरिकों ने सुझाव दिए कि भीड़भाड़ वाले इलाकों में हफ्ते में एक दिन सिर्फ पैदल बाजार का विकल्प भी देखा जा सकता है। प्रशासन ने कहा है कि अगले सप्ताह इस विषय पर एक खुली बैठक आयोजित की जाएगी।

By admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Verified by MonsterInsights