मुज़फ्फरनगर।जिलाधिकारी उमेश मिश्रा के निर्देश पर बुधवार को आबकारी विभाग और प्रशासन की संयुक्त टीमों ने जनपद में संचालित शराब की दुकानों पर एक व्यापक औचक निरीक्षण अभियान चलाया। जिला आबकारी अधिकारी राकेश बहादुर सिंह एवं सभी उप जिलाधिकारियों की टीमों ने अपने-अपने तहसील क्षेत्रों में कुल 29 दुकानों—देशी शराब की 11, कम्पोजिट शॉप की 11 और मॉडल शॉप की 7 दुकानों—का एक साथ निरीक्षण किया।निरीक्षण के दौरान दुकानों पर उपलब्ध सभी अभिलेख, जैसे अनुज्ञापन, स्टॉक रजिस्टर आदि सही पाए गए। मदिरा स्टॉक का रजिस्टर से मिलान किया गया तथा आबकारी विभाग के स्कैनर से रैंडम जांच की गई, जिसमें पेटियों के बारकोड और बोतलों पर लगे QR कोड पूरी तरह सही पाए गए।

किसी भी दुकान पर गत वर्ष की मदिरा नहीं मिली और न ही कोई बोतल खुली अवस्था में पाई गई। पूरा स्टॉक वित्तीय वर्ष 2025-26 का ही निकला। ओवररेटिंग की शिकायतों को ध्यान में रखते हुए टीमों ने ग्राहकों से टेस्ट परचेज भी कराई, जिसमें सभी दुकानों पर बिक्री निर्धारित मूल्य पर ही होती मिली। दुकानों पर रेट लिस्ट और “UP Excise Citizen App” का QR कोड भी सार्वजनिक रूप से चस्पा पाया गया।निरीक्षण में दुकान परिसर की स्वच्छता और व्यवस्थाएं संतोषजनक मिलीं। सभी दुकानों पर लगाए गए सीसीटीवी कैमरे भी सुचारू रूप से चालू पाए गए। जांच के दौरान मौजूद विक्रेताओं को निर्देशित किया गया कि दुकानों का संचालन केवल आबकारी नियमों के अनुरूप हो, किसी भी प्रकार की अनियमितता या ग्राहक से अभद्रता होने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
जनपद में इतनी बड़ी संख्या में एक साथ की गई इस चेकिंग कार्रवाई से शराब कारोबारियों में हड़कंप मचा रहा। प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि यदि कहीं पर अवैध बिक्री, ओवररेटिंग या नियमों का उल्लंघन दिखाई दे, तो उसकी सूचना तुरंत आबकारी विभाग के टोल-फ्री नंबर या क्षेत्रीय निरीक्षक को दें।
