प्रधानमंत्री ने एक्स पर यह संस्कृत सुभाषित साझा किया-
:यस्य कृत्यं न विघ्नन्ति शीतमुष्णं भयं रतिः।
समृद्धिरसमृद्धिर्वा स वै पण्डित उच्यते।।
इस श्लोक का अर्थ है: जिस व्यक्ति के कार्यों में सर्दी-गर्मी, भय, आसक्ति (रति), समृद्धि या असमृद्धि कोई विघ्न नहीं डालते, वही सच्चा पंडित कहलाता है। यह श्लोक चाणक्य नीति या प्राचीन सुभाषित संग्रह से लिया गया है, जो धैर्य, संयम और कर्तव्यनिष्ठा पर बल देता है।
