सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि कोई आयोग बिना प्रमुख के कैसे चल सकता है। कोर्ट ने केंद्र सरकार से कहा कि आप सुनवाई की अगली तिथि का इंतजार नहीं करें, आप काम शुरु कराइए। यह काफी महत्वपूर्ण है। कोर्ट ने केंद्र सरकार की ओर से पेश वकील से सरकार का निर्देश लेने को कहा। याचिका कार्यकर्ता मुजाहिद नफीस ने दायर की है। याचिका में कहा गया है कि राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग में अप्रैल महीने से कोई प्रमुख नहीं है। इसके अलावा आयोग के उपाध्यक्ष और दूसरे सदस्यों का पद भी खाली है।
याचिका में कहा गया है कि राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग में सर्वोच्च पद खाली रहने से आयोग का काम करीब-करीब ठप्प सा हो गया है। ऐसा करना संविधान में मिले अल्पसंख्यकों के अधिकारों के साथ-साथ राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग कानून का भी उल्लंघन है। याचिका में कहा गया है कि राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के पिछले अध्यक्ष इकबाल सिंह लालपुरा का कार्यकाल 12 अप्रैल को पूरा हुआ। उसके बाद से आयोग के सभी सात पद खाली पड़े हुए हैं। इस बात की सूचना केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री ने भी राज्यसभा में दी थी। लेकिन सरकार इन खाली पड़े पदों पर भर्ती नहीं कर रही है।
