हॉकी के जादूगर के नाम से विश्व विख्यात मेजर ध्यानचंद का जन्म 29 अगस्त 1905 में प्रयागराज (इलाहाबाद) में हुआ था। बचपन से ही उन्हें हॉकी खेलने का बहुत शौक था। जब उनके पास हॉकी स्टिक नहीं थी। तो वह छड़ी और डंडे की सहायता से हॉकी खेला करते थे। इस खेल के प्रति उनकी इस रुचि को देखते हुए बचपन में ही घर वालों ने उन्हें हॉकी स्टिक दिलाई। इसके बाद वह घंटों प्रेक्टिस किया करते थे। छोटी सी उम्र में उन्होंने इतनी निपुणता हासिल कर ली थी कि बड़े से बड़े दिग्गज खिलाड़ी भी उनके आगे ज्यादा देर टिक नहीं पाते थे। यही कारण है कि उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हॉकी का जादूगर भी कहा जाता है।

कानपुर के सिविल लाइंस स्थित ग्रीन पार्क अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में राष्ट्रीय खेल हॉकी प्रतियोगिताओं का आयोजन तमाम खेल संगठनों की ओर से किया जाता है। जिसके अंतर्गत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को सम्मानित भी किया जाता है।

वहीं राष्ट्रीय स्तर पर हॉकी खेल चुके खिलाड़ी सुधीर श्रीवास्तव ने बताया कि जिस तरह से सचिन तेंदुलकर को क्रिकेट का भगवान कहा जाता है। ठीक उसी तरह से मेजर ध्यानचंद को हॉकी का जादूगर कहा जाता है। उन्होंने 22 साल से अधिक के करियर में उन्होंने करीब 400 गोल किए और टीम को तीन ओलम्पिक पदक दिलाए। यही कारण है कि आज भी उनकी याद में शहर में तमाम छोटे बड़े मैदानों में हॉकी की प्रतियोगिता का आयोजन किया जाता है।

By editor

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Verified by MonsterInsights