मुज़फ्फरनगर। त्यागी भूमिहार ब्राह्मण समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष मांगेराम त्यागी ने अपने खिलाफ छपार थाने में दर्ज रंगदारी के मुकदमे पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि यह मुकदमा उन्हें डराने का प्रयास है, लेकिन वह न्याय की आवाज़ उठाने से पीछे नहीं हटेंगे।मांगेराम त्यागी ने कहा कि उन्होंने एक निर्दोष ब्राह्मण युवक की हत्या के बाद उसके परिवार को न्याय दिलाने की लड़ाई लड़ी है। “अगर यह अपराध है, तो हम सज़ा भुगतने को भी तैयार हैं,” उन्होंने कहा। त्यागी ने आरोप लगाया कि अधिकारियों ने दबाव में आकर कार्रवाई की है, लेकिन वे उसका भी स्वागत करते हैं क्योंकि “अब सच्चाई सामने आएगी।”उन्होंने कहा कि आज जिन लोगों के पास कुछ नहीं था, वे सत्ता में आने के बाद अरबों-खरबों की संपत्ति के मालिक बन गए हैं, और वही अब गरीबों की आवाज़ उठाने वालों को अपराधी बता रहे हैं। “पहले एससी/एसटी एक्ट में फँसाया, अब पुराने कागज़ों पर नया मुकदमा दर्ज कर दिया गया। विनोद मलिक का न टोल से कोई लेना-देना है, न उसके किसी कर्मचारी से,” त्यागी ने कहा।
उन्होंने एलान किया कि इस मुकदमे के विरोध में प्रदेशभर में आंदोलन शुरू किया जाएगा। “हम समाज के सभी वर्गों पाल, कश्यप, दलित, त्यागी, गुर्जर और जाट को साथ लेकर गिरफ्तारी देने एसएसपी कार्यालय जाएंगे। महात्मा टिकैत और चौधरी चरण सिंह हमारे आदर्श हैं, और जाट समाज से हमारा रक्त संबंध है,” उन्होंने कहा।मांगेराम त्यागी ने कहा कि उन्हें गरीबों और मज़लूमों की लड़ाई लड़ने की सज़ा दी जा रही है। “हमें खतरा है, उन्हें नहीं। अब हम भी इन नेताओं और अधिकारियों के खिलाफ मुकदमे दर्ज कराएंगे,” उन्होंने चेतावनी दी।उन्होंने यह भी कहा कि 2027 में जनता बताएगी कि त्यागी, ब्राह्मण और गुर्जर समाज की आवाज़ दबाने की कोशिश करने वालों को कितना भारी नुकसान उठाना पड़ता है।
