मुज़फ्फरनगर | भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) देहरादून शाखा ने मानक महोत्सव का आयोजन किया। यह आयोजन सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि एक आंदोलन जैसा था जिसने बच्चों से लेकर उद्योगों और अधिकारियों तक सबको एक सूत्र में बाँध दिया।कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार मुख्य अतिथि रहे। उनके साथ नगर पालिका परिषद मुज़फ्फरनगर की अध्यक्ष मीनाक्षी स्वरूप और जिला विद्यालय निरीक्षक आशीष द्विवेदी भी विशेष अतिथि के तौर पर मौजूद रहे।

BIS देहरादून शाखा के निदेशक और प्रमुख सौरभ तिवारी ने स्वागत भाषण दिया और विश्व मानक दिवस-2025 की थीम ‘सतत विकास लक्ष्य (SDG-17) – लक्ष्य प्राप्ति में सामूहिक साझेदारी’ पर विस्तार से चर्चा की।महोत्सव का सबसे जीवंत पल वह था जब जिले के विभिन्न विद्यालयों के स्टैंडर्ड क्लब के बच्चों ने अपनी प्रस्तुतियों से माहौल को जीवंत कर दिया। सरस्वती वंदना, डांडिया नृत्य, समूह नृत्य और नुक्कड़ नाटक ने यह साफ कर दिया कि नई पीढ़ी मानकों को केवल पढ़ नहीं रही, बल्कि जी भी रही है।

तकनीकी सत्र भी बेहद सार्थक रहा, जिसमें अल्ट्राटेक से वंदना, बिंदल पेपर्स से आशुतोष अग्रवाल और ग्राफिक एरा देहरादून से अभिलाषा मिश्रा ने अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि कैसे उनके उद्योग सतत विकास लक्ष्यों को अपनाकर समाज और पर्यावरण दोनों के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं।अंत में निकाली गई मानक रैली ने पूरे शहर को एक नई ऊर्जा दी।

अनिल कुमार, सौरभ तिवारी और मीनाक्षी स्वरूप ने हरी झंडी दिखाकर रैली को रवाना किया। इसमें जिले के 10 स्टैंडर्ड क्लबों के लगभग 500 छात्र शामिल हुए। होटल स्वर्ण इन से एमजी पब्लिक स्कूल तक निकली यह रैली सिर्फ कदमों की गूंज नहीं थी, बल्कि यह भविष्य का वादा थी एक ऐसा भविष्य जहाँ हर उत्पाद, हर सेवा और हर जीवन गुणवत्ता के मानकों पर खरा उतरे।इस पूरे आयोजन ने यह साबित कर दिया कि मानक केवल उद्योगों की मजबूरी नहीं, बल्कि समाज के विकास की कुंजी हैं। और जब बच्चे, उद्योग और अधिकारी सब मिलकर इसे आगे बढ़ाएँगे, तो देश के सतत विकास लक्ष्यों को पाना असंभव नहीं रहेगा।

इस मौके पर जिला उद्योग केंद्र की महाप्रबंधक जैस्मीन फौजदार, BIS के संयुक्त निदेशक सचिन चौधरी, मानक संवर्धन अधिकारी सरिता त्रिपाठी, भाजपा नेता सुनील तायल,राजीव वर्मा, राजीव कुमार एवं प्रवेन्द्र दहिया आदि भी उपस्थित रहे।
