कार्यक्रम में प्राथमिक वर्ग के विद्यार्थियों ने ‘‘जंगल बुक’’ नृत्य-नाटिका के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया, जबकि वरिष्ठ वर्ग के विद्यार्थियों ने उत्तराखंड के लोकगीतों, लोकनृत्यों, इतिहास तथा प्रसिद्ध लोककथा ‘‘राजुला मालूशाही’’ का मंचन किया। पंचकेदारों पर आधारित नृत्य ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम का समापन लोकप्रिय हिंदी गीतों पर नृत्य प्रस्तुति से हुआ।
समारोह में मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया तथा उन्हें आलराउंडर, मोस्ट पॉपुलर, मोस्ट रेगुलर जैसे पुरस्कारों से नवाजा गया। अतिथियों ने विद्यार्थियों की प्रतिभा की सराहना करते हुए उन्हें भारतीय एवं उत्तराखंड की संस्कृति से जुड़े रहने और विद्यार्थी जीवन का पूर्ण उपयोग करने का संदेश दिया।
कार्यक्रम का संचालन रेयान आलम खान एवं शौर्य जगाती ने किया। इस अवसर पर विद्यालय की निवेशक सुनीता त्रिपाठी, उप प्रधानाचार्या कविता सनवाल, अध्यापक, अभिभावक तथा समस्त विद्यालय परिवार उपस्थित रहा। प्रधानाचार्य भुवन त्रिपाठी ने आभार व्यक्त करते हुए अतिथियों को स्मृति चिह्न प्रदान किये।
