मानसा पुलिस ने अपहरण का मामला कुछ ही घंटों में ट्रेस कर आरोपी काबू कर लिए। एस.एस.पी. भागीरथ सिंह मीणा ने बताया कि पी.सी.आर. मानसा को सूचना मिली कि राज सिंह निवासी मलकपुर ख्याला के बेटे संदीप सिंह (26 वर्ष) को आर.टी.ओ. कार्यालय के पास टिब्बा ख्याला रोड से अज्ञात लोगों ने अगवा कर लिया, जिसके पास 2,50,000 रुपए व मोटरसाइकिल था।
इस पर थाना सदर में केस दर्ज कर मनमोहन सिंह औलख एस.पी. (इन्वैस्टिगेशन) मानसा तथा बूटा सिंह डी.एस.पी. (सब-डिवीजन) मानसा की निगरानी में थाना सदर मानसा प्रभारी भूपिंदरजीत सिंह व चौकी ठूठियावाली इंचार्ज मक्कन सिंह के नेतृत्व में पुलिस पार्टी, एस.एच.ओ. ओम प्रकाश सहित मौके पर पहुंची। फिर थाना सदर में केस दर्ज कर तीन संदिग्ध लोगों को हिरासत में लेकर उनसे पूछताछ की। उनकी पहचान संदीप सिंह निवासी मलकपुर, केसर सिंह उर्फ लाली निवासी मलकपुर तथा सुखचैन सिंह निवासी ख्याला कलां के रूप में हुई।
संदीप सिंह ने बताया कि उसकी बहन ने कनाडा से उसके खाते में 5 लाख रुपए भेजे थे, जिन्हें उसने अपने दोस्त केसर सिंह के साथ बैंक से निकलवाया। केसर सिंह ने उसे बताया कि उसके जानकार लोग पैसे दोगुने करते हैं और वे बठिंडा के रहने वाले हैं। इसके बाद सभी लोग केसर सिंह के घर गए, जहां पैसे दोगुने करने के बहाने बठिंडा के व्यक्तियों ने 10,000 रुपए नकद ले लिए और बाकी 2,50,000 रुपए आग में जलने का बहाना बनाया। जांच के दौरान पुलिस ने उनसे 2 लाख 30 हजार रुपए और एक मोटरसाइकिल बरामद कर ली। बाकी 20 हजार रुपए में से कुछ उन्होंने खर्च कर दिए और कुछ बठिंडा के व्यक्ति, जो अपना नाम गोल्डी बताता था, लेकर फरार हो गया।
आरोपियों ने पूछताछ में स्वीकार किया कि उन्होंने योजनाबद्ध तरीके से झूठी अपहरण की कहानी बनाई, ताकि 2,50,000 रुपए को छिपाया जा सके और नशे की पूर्ति के लिए बाकी पैसे भी खर्च किए जा सकें। संदीप सिंह ने अपने साथियों के साथ मिलकर अपनी माता को झूठे अपहरण और लूट की जानकारी दी, जिसके बाद उसके पिता राज सिंह ने 112 नंबर पर कॉल कर मामला दर्ज कराया।
