जिलाधिकारी ने सभी एसडीएम और तहसीलदारों को निर्देश दिए कि तहसील स्तर से संपादित होने वाले विभिन्न सरकारी कार्यों को समयबद्ध और पारदर्शी बनाने को लेकर गंभीरता दिखाएं। विभिन्न प्रकार के प्रमाण पत्रों को जारी करने से पूर्व नियमानुसार सत्यापन होना चाहिए। प्रमाण पत्रों को जारी करने के लिए निर्धारित पोर्टल की तहसीलदार और एसडीएम स्वयं मॉनिटरिंग करें और यह सुनिश्चित कराएं कि तय समय सीमा में प्रमाण पत्र जारी किए जाएं।

जिलाधिकारी ने कांवड़ मार्गों पर संचालित शराब की दुकानों को ढकने के बारे में शासन के निर्देशों का सख्ती से पालन कराने के लिए जिला आबकारी अधिकारी को निर्देश दिए और कहा कि आबकारी विभाग की टीमें लगातार सक्रिय रहें तथा कहीं से भी ओवररेटिंग की शिकायत न आए।

ग्रामीण क्षेत्रों में लगने वाले मेलों के बारे में फायर और सुरक्षा सहित प्रत्येक विभाग की अनुमति मिलने के बाद ही इन मेलों का आयोजन होना चाहिए। क्योंकि भीड़ प्रबंधन, अग्निशमन, झूले एवं अन्य मनोरंजन के साधनों की मजबूती और आमजन की सुरक्षा सर्वाधिक महत्वपूर्ण है। ओवरलोडिंग के संबंध में जिलाधिकारी ने एसडीएम, खान अधिकारी और एआरटीओ को कार्यवाही कराने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने जनपद में संचालित मंडियों में राजस्व वृद्धि के लिए सम्भावनाओं को लेकर उन्होंने सभी एसडीएम और मंडी सचिव से चर्चा की। मंडी सचिव को निर्देशित किया कि मुरादाबाद मंडी के आसपास अवैध अतिक्रमण चिन्हित कराकर हटवाएं और अराजक तत्वों के विरुद्ध सख्त कार्यवाही करें। जिला पूर्ति अधिकारी ने बताया कि जिले में 15 उचित दर वितरण दुकानों का आवंटन होना है। जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि यथाशीघ्र सभी लम्बित दुकानों का आवंटन हो जाए तथा आवंटन हेतु बैठक हेतु नियत तिथि के बारे में संबंधित एसडीएम को भी सूचित किया जाए। इस अवसर पर एडीएम प्रशासन गुलाब चंद्र, एडीएम वित्त एवं राजस्व ममता मालवीय सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी गण मौजूद रहे।

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