बेंगलुरु | रेल, सूचना एवं प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंगलवार को सेमीकंडक्टर डिज़ाइन से जुड़ी कंपनी एआरएम के नए कार्यालय का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि एआई सर्वर, ड्रोन और मोबाइल फोन में इस्तेमाल होने वाले 2 नैनोमीटर के सबसे उन्नत चिप्स यहीं डिज़ाइन किए जाएँगे।

मंत्री ने इसे भारत की सेमीकंडक्टर यात्रा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर बताते हुए कहा कि एआरएम की नई बेंगलुरु इकाई मोबाइल फोन सहित विभिन्न इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों के लिए चिप्स डिज़ाइन करेगी। उन्होंने कहा, “हमारा उद्देश्य सेमीकंडक्टर के साथ-साथ उनके लिए आवश्यक उपकरणों और सामग्रियों का डिज़ाइन और निर्माण करना है। यह एक लंबी दूरदर्शी प्रक्रिया है, जिस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्पष्ट मार्गदर्शन दिया है।”अश्विनी वैष्णव ने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण में वृद्धि से सेमीकंडक्टर चिप्स की माँग दोगुनी हो रही है। पिछले 11 वर्षों में इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण छह गुना बढ़ा है और वर्तमान में यह ₹11.5 लाख करोड़ का उद्योग बन चुका है। निर्यात में भी आठ गुना वृद्धि दर्ज की गई है और इलेक्ट्रॉनिक्स भारत के प्रमुख निर्यात उत्पाद के रूप में उभर रहे हैं।उन्होंने बताया कि मोबाइल फोन और लैपटॉप की असेंबली से शुरू हुआ यह सफ़र अब मॉडल, कंपोनेंट्स और तैयार उत्पादों के उत्पादन तक पहुँच चुका है। सेमीकंडक्टर सेक्टर एक ट्रिलियन डॉलर के उद्योग के रूप में विकसित हो रहा है, जिसके लिए प्रतिभा सबसे बड़ी आवश्यकता है। वर्तमान में 278 संस्थान और विश्वविद्यालय इस दिशा में काम कर रहे हैं। अभी तक 25 संस्थानों के छात्रों द्वारा डिज़ाइन की गई 28 चिप्स तैयार हो चुकी हैं।

मंत्री ने कहा कि भारत के सेमीकंडक्टर मिशन का पहला चरण लगभग पूरा हो चुका है और अब दूसरा चरण शुरू किया जा रहा है, जिसमें उपकरणों और सामग्रियों के उत्पादन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।इससे पहले दिन में, वैष्णव ने सेमीकंडक्टर निर्माण उपकरणों में प्रयुक्त उच्च परिशुद्धता वाले घटकों के निर्माण पर भी चर्चा की। इस दौरान कार्बोरंडम यूनिवर्सल लिमिटेड (CUMI) ने सेमीकंडक्टर निर्माण के लिए उपकरणों में प्रयुक्त सामग्रियों का प्रदर्शन किया।

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