भारत के विद्युत मंत्रालय के तहत कार्यरत सेंट्रल इलेक्ट्रिसिटी अथॉरिटी ने बुधवार को नेपाल के आठ विभिन्न जलविद्युत परियोजनाओं से उत्पादित 283 मेगावाट बिजली के निर्यात की स्वीकृति नवीनीकृत की।

नेपाल वर्तमान में घरेलू खपत पूरा करने के बाद बची हुई बिजली को इंडियन एनर्जी एक्सचेंज (IEX) के डे-अहेड मार्केट और रियल-टाइम मार्केट में प्रतिस्पर्धात्मक दरों पर बेच रही है। इसके अलावा हरियाणा और बिहार राज्यों को द्विपक्षीय विद्युत खरीद समझौते के तहत बिजली निर्यात कर रही है।

इसी तरह नेपाल के तरफ से भारत के ट्रांसमिशन सिस्टम का उपयोग करते हुए बांग्लादेश को भी बिजली निर्यात किया जा रहा है।

IEX मार्केट में प्रतिस्पर्धात्मक दर पर बिजली बेचने के लिए पहले से स्वीकृत चार परियोजनाओं की 103 मेगावाट बिजली की अनुमति विभिन्न तारीखों पर समाप्त हो चुकी थी। प्राधिकरण के तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि अब इन सभी परियोजनाओं के लिए निर्यात स्वीकृति का लगभग एक वर्ष के लिए मंगलवार से प्रभावी रूप में नवीकरण कर दिया गया है।

इसी तरह, लगभग 180 मेगावाट बिजली जो चार परियोजनाओं से उत्पन्न हो रही थी, उसे हरियाणा राज्य को द्विपक्षीय समझौते के तहत बेचा जा रहा था। हरियाणा को बिजली बेचने की अनुमति आज 30 अक्टूबर को समाप्त हो रही है। नेपाल विद्युत प्राधिकरण हर वर्ष जून से अक्टूबर के बीच हरियाणा को बिजली बेचता है।

प्राधिकरण के प्रबंध निदेशक मनोज सिलवाल ने बताया कि हरियाणा को स्वीकृत इन परियोजनाओं से उत्पादित बिजली को IEX मार्केट में बेचने की भी अनुमति मांगी थी, जिसे भारत के सेंट्रल इलेक्ट्रिसिटी अथॉरिटी ने मंजूरी दे दी है।

अब इन चार परियोजनाओं से उत्पादित बिजली को शुक्रवार से IEX में भी निरंतर रूप से बेचा जा सकेगा।

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