मुजफ्फरनगर। पंचपर्व दीपावली के पावन पर्व की पूर्व बेला पर शनिवार को होली चाइल्ड पब्लिक इंटर कॉलेज, जडौदा के प्रांगण में दीपावली मेला एवं हस्तकला प्रदर्शनी का आयोजन बड़े ही उत्साह और उमंग के साथ किया गया। विद्यालय परिसर दीपों की रोशनी, बच्चों की रचनात्मकता और संगीत की मधुर धुनों से सराबोर हो उठा।कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि पंडित संजीव शंकर, अध्यक्ष महामृत्युंजय सेवा मिशन, प्रत्यूष गोयल, डॉ. राजीव कुमार, रीटा दहिया, रोहताश कली एवं विद्यालय के प्रधानाचार्य प्रवेन्द्र दहिया द्वारा फीता काटकर किया गया। इस अवसर पर विद्यालय परिवार, अभिभावकगण, छात्र-छात्राएं और स्थानीय नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

मुख्य अतिथि पंडित संजीव शंकर ने दीपावली के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह पर्व अंधकार पर प्रकाश और अज्ञान पर ज्ञान की विजय का प्रतीक है। उन्होंने विद्यार्थियों को लक्ष्मी और गणेश की पूजा के महत्व से अवगत कराया तथा कहा कि गणेश जी बुद्धि के प्रतीक हैं और लक्ष्मी जी धन-संपदा की देवी हैं।

विद्यार्थियों को उनसे प्रेरणा लेकर मेहनत, लगन और संयम के साथ अपने लक्ष्य की ओर अग्रसर रहना चाहिए।कला अध्यापक अमरीश कुमार ने विद्यालय के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को हस्तकला, चित्रकारी, पेंटिंग और दीप सज्जा की विधाओं में प्रशिक्षित किया। प्रदर्शनी में बच्चों द्वारा बनाए गए सुंदर दीपक, कलश, चित्र और हस्तनिर्मित वस्तुओं ने सभी का मन मोह लिया।मेले में बच्चों ने झूलों और मिक्की माउस जैसे मनोरंजक आकर्षणों का खूब आनंद लिया।

संगीतकार कुशल जी के निर्देशन में प्रस्तुत लाइव म्यूजिक ने वातावरण को और भी उल्लासमय बना दिया।अतिथि रोहताश कली ने मेले एवं प्रदर्शनी का अवलोकन करते हुए विद्यार्थियों की प्रतिभा की सराहना की और कविता के माध्यम से अपने भाव व्यक्त किए ऐसा लगता है मेरे प्रभु राम आ गए,जन्मों के मेरे पुण्य मेरे काम आ गए। कार्यक्रम में आए अभिभावकगण और आगंतुकों ने बच्चों द्वारा तैयार हस्तनिर्मित दीपकों, कलशों और चित्रों की दुकानों से अपनी पसंद की वस्तुएं खरीदीं।

प्रधानाचार्य प्रवेन्द्र दहिया ने इस अवसर पर सभी विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों को दीपावली की शुभकामनाएं देते हुए बच्चों को बड़े पटाखों से दूर रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि दीपावली का असली आनंद तब है जब हम पर्यावरण की रक्षा करते हुए रोशनी और प्रेम का संदेश फैलाएं।कार्यक्रम के अंत में प्रधानाचार्य ने मेले की सफलता के लिए सभी शिक्षकों के योगदान की सराहना की। दीपों की चमक और बच्चों की मुस्कान से सराबोर यह आयोजन लंबे समय तक सबके दिलों में यादगार रहेगा।
