कार्यक्रम में लक्सर शुगर मिल के महाप्रबंधक बीएस तोमर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने किसानों को जानकारी दी कि 5 नवम्बर से गन्ने की खरीद के लिए पर्ची वितरण प्रारंभ होगा तथा 7 नवम्बर से मिल पुनः संचालन में लाई जाएगी।

कहा कि गन्ने की उत्तम किस्मों के साथ-साथ किसानों को मिट्टी में पोषक तत्वों का संतुलन बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि एनपीके कनर्सोटियम का उपयोग किया जाना चाहिए, जो मिट्टी में आर्गेनिक कार्बन और सूक्ष्मजीवों की सक्रियता को बढ़ाता है। उन्होंने किसानों को सुझाव दिया कि किसान भाई पांच लीटर एनपीके कनर्सोटियम घोल को 50 किलो गोबर की खाद में मिलाकर छाया में एक से दो दिन तक रखें। तत्पश्चात इसे एक एकड़ खेत में डालें। यह मिश्रण मिट्टी की उर्वरता बढ़ाता है, सूक्ष्मजीवों को सक्रिय करता है और फसल की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार लाता है।

उन्होंने कहा कि कोई भी खाद पौधों द्वारा लगभग 40 दिनों तक ही ग्रहण की जाती है। उसके बाद वह खेत में रह जाती है और पौधों पर कोई प्रभाव नहीं डालती। इसलिए उर्वरकों का संतुलित और वैज्ञानिक उपयोग अत्यंत आवश्यक है।

इस अवसर पर आदर्श युवा समिति के अध्यक्ष लखबीर सिंह ने कहा ऐसे कार्यक्रम किसानों को नई तकनीकों, टिकाऊ कृषि पद्धतियों और व्यावहारिक ज्ञान से जोड़ते हैं जिससे वे अधिक लाभकारी, पर्यावरण-संवेदनशील और दीर्घकालिक कृषि की दिशा में आगे बढ़ते हैं।

कार्यक्रम का संचालन आदर्श युवा समिति के एडमिन एवं डॉक्यूमेंटेशन मैनेजर नितिन बडोनी ने किया। कार्यक्रम में नवगुरुकुल एफपीसी के निदेशक कंवलजीत सिंह, भूपेंद्र सिंह, रमनदीप सिंह, अंग्रेज सिंह, दलजीत सिंह, आयुस के रंजन कुमार, कृषक साहब सिंह, बलवंत सिंह, दमनप्रीत सिंह, परवीन, अभिषेक, जगविंदर सिंह, सुरजीत सिंह, लोकेन्द्र सिंह, ललित कुमार, कुलविंदर सिंह, नाजर सिंह आदि सहित क्षेत्र के अनेक किसान भाई उपस्थित रहे।

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