प्रदेश में बढ़ते आपराधिक मामलाें पर कांग्रेस ने जताई चिंता

देहरादून, 25 जून (हि.स.)। उत्तराखंड प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष ज्योति रौतेला ने उत्तराखंड में बढ़ते महिला अपराधों पर चिंता प्रकट की। उन्होंने कहा कि प्रदेश में महिला अपराधों के बढ़ते आंकड़ों से आज पूरा उत्तराखंड राज्य शर्मिंदा है। बेटियों की ज़मीन पर सत्ता और संरक्षण का ऐसा गठजोड़ सामने आया है, जो न केवल हमारी संवेदनशीलता को झकझोरता है, बल्कि पूरे राज्य के न्याय और नैतिक ढांचे पर सवाल खड़ा करता है।

प्रदेश कार्यालय देहरादून में मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के शासन में राज्यभर में महिलाओं के साथ सामूहिक बलात्कार, हत्या और जघन्य अपराधों की बाढ़ सी आई है। उत्तराखण्ड राज्य में औसतन प्रति माह एक बलात्कार और हत्या की घटना घटित हो रही है।

ज्योति रौतेला ने कहा कि भाजपा की पूर्व महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष अनामिका शर्मा पर गंभीर आरोप हैं कि उन्होंने अपनी नाबालिग बेटी को अपने प्रेमी और उसकी साथी के साथ बार-बार दुष्कर्म के लिए मजबूर किया। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि यह घटनाएं हरिद्वार, आगरा, वृंदावन जैसे कई स्थानों पर हुईं। अनामिका शर्मा को अपने इस घृणित अपराधिक कृत्य के लिए जेल जाना पड़ा, परन्तु इससे बड़ी शर्म की बात और क्या हो सकती है कि अनामिका शर्मा को योगा दिवस के अवसर पर सरकार की ओर से सम्मानित किया जाता है। इससे यह भी स्पष्ट हो गया है कि अनामिका शर्मा को जेल में वीआईपी सुविधायें दी जा रही हैं, यह बात अनामिका शर्मा की सोशल मीडिया में वायरल ऑडियो क्ल्पिंग से भी साबित हो गया है, जिसकी जांच की जानी चाहिए।

उन्होंने कहा कि क्या जेल प्रशासन सभी कैदियों को इसी प्रकार की सुविधा उपलब्ध कराता है कि वे अपने घर पर बात कर सकें? ज्योति रौतेला ने यह भी कहा कि एक ओर भाजपा यूसीसी कानून का गाना गा रही है, वहीं उसी की पार्टी के पूर्व विधायक सुरेश राठौर ने इस प्रकरण में भाजपा के झूठ और नैतिकता की पोल खोल कर रख दी है।

उन्होंने कहा कि भाजपा के पूर्व विधायक सुरेश राठौर द्वारा यूसीसी कानून की खुलेआम अवमानना ही नहीं की गई बल्कि महिला के सामाजिक सम्मान के साथ राजनीतिक खिलवाड़ किया गया, जिस पर भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश नेतृत्व ने महज नोटिस देने वाली कार्यवाही की गई, क्या यही भाजपा की पारिवारिक नैतिकता है?

ज्योति रौतेला ने कहा कि एनसीआरबी की एक रिपोर्ट के अनुसार, उत्तराखंड बेटियों के लिए असुरक्षित है। 2022 में एनसीआरबी की रिपोर्ट के अनुसार, उत्तराखंड में महिलाओं के खिलाफ 4,337 अपराध दर्ज हुए हैं, जिनमें 867 रेप और 637 नाबालिग बच्चियों से रेप शामिल हैं। बावजूद इसके, भाजपा सरकार, राज्य का महिला आयोग और प्रशासन तीनों चुप हैं।

उन्होंने कहा कि भाजपा नेताओं के कृत्य और पार्टी की चुप्पी, दोनों ही बेटियों के लिए खतरे का संकेत हैं। ज्योति रौतेला ने कहा कि महिला अपराध की घटनाओं पर प्रदेश महिला कांग्रेस चुप नहीं बैठ सकती और लगातार इसके खिलाफ सड़क से लेकर सदन तक आवाज उठाती रहेगी।

वार्ता में प्रदेश उपाध्यक्ष नजमा खान, आशा मनोरमा डोबरियाल शर्मा, चन्द्रकला नेगी, जिलाध्यक्ष पूनम सिंह, प्रदेश महासचिव अनुराधा तिवारी, प्रदेश सचिव सुशीला शर्मा उपस्थित थे।

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