मुजफ्फरनगर। साइबर क्राइम थाना की टीम ने एक अंतरराज्यीय साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह लोगों को डराने और ठगने के लिए खुद को TRAI, E.D., CBI और न्यायालय के अधिकारी बताकर डिजिटल अरेस्ट का भय दिखाता था। आरोपियों के कब्जे से 6 मोबाइल फोन, 6 बैंक पासबुक, 21 डेबिट कार्ड, 1 चेक बुक, 1 पैन कार्ड, 3 आधार कार्ड और 14 सिम कार्ड बरामद किए गए। मामले का खुलासा तब हुआ जब 11 सितंबर को एक व्यक्ति ने साइबर क्राइम थाना में शिकायत दर्ज करवाई। वादी ने बताया कि उसके मोबाइल पर कॉल आई, जिसमें कॉल करने वाले ने खुद को TRAI/ED अधिकारी बताया और कहा कि उसके नाम से कैनरा बैंक में अवैध लेन-देन हुआ है। इसके बाद दरियागंज थाने और CBI का फर्जी लोगो लगाकर व्हाट्सएप कॉल की गई और वादी को डिजिटल अरेस्ट की धमकी दी गई। इसके साथ ही माननीय न्यायालय का लोगो लगाकर व्हाट्सएप संदेश भेजा गया, जिसमें अवैध लेन-देन और डिजिटल अरेस्ट की बात कही गई। वादी को डराकर और दबाव में डालकर मुकदमा खत्म करने के नाम पर कुल 33.33 लाख रुपये की ठगी की गई थी ।
साइबर क्राइम टीम ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत कार्रवाई शुरू की। पहले गिरोह के दो सदस्य 18 सितंबर को और एक सदस्य 26 सितंबर को गिरफ्तार किए गए थे। जांच आगे बढ़ाते हुए टीम ने गिरोह के अन्य सदस्य की तलाश की और 11 अक्टूबर को अमृतसर से तीन और आरोपी गिरफ्तार किए। गिरफ्तार अभियुक्तों में राजू (सरगना) निवासी भिलाई छत्तीसगढ़, संदीप सिंह उर्फ सुन्नी निवासी अमृतसर पंजाब और अमन सिन्हा निवासी डल्ली रजहारा बालोड छत्तीसगढ़ शामिल हैं।एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने खुलासा करते हुए बताया किपूछताछ में अभियुक्तों ने खुलासा किया कि राजू भोले-भाले लोगों के बैंक खाते, एटीएम कार्ड, पासबुक और सिमकार्ड लालच देकर लेता था। इन खातों के माध्यम से गिरोह विदेशों में बैठे साइबर ठगों से पैसा भेजता और उसे कैश निकालकर USDT क्रिप्टोकरेंसी में बदलकर विदेश ट्रांसफर करता था। जांच में यह भी पता चला कि गिरोह के कब्जे में बरामद खातों से करीब 24 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी से जुड़ी कम से कम 16 शिकायतें दर्ज हैं।इस पूरे मामले की तकनीकी जांच और संदिग्धों की पहचान महिला पुलिस कर्मियों द्वारा की गई। मिशन शक्ति 5.0 के तहत यह कार्यवाही पूरी तरह से साइबर थाने में नियुक्त महिला टीम ने की, जिसमें महिला मुख्य आरक्षी मीनाक्षी और आरक्षी अंशु ने अहम भूमिका निभाई।खुलासे के दौरान एसएसपी संजय कुमार वर्मा के साथ एसपी क्राइम इंदु सिद्धार्थ भी मौजूद रही | गिरफ्तार करने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक सुल्तान सिंह, निरीक्षक इन्द्रजीत सिंह, उपनिरीक्षक गौरव चौहान, उपनिरीक्षक धर्मराज सिंह, उपनिरीक्षक मुबारिक हसन और हेड कांस्टेबल अवधेश कुमार शामिल थे। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने टीम की इस सफल कार्रवाई की सराहना की है और इसे साइबर अपराधियों पर प्रभावी नियंत्रण की दिशा में बड़ी सफलता बताया।
