प्रयागराज, 16 अक्टूबर । इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने निवेशकों का सौ करोड़ हजम करने वाली फ्रीचार्ज पे एल एल पी फर्म से जुड़े अभियुक्त मोहम्मद कादिर को अग्रिम जमानत देने से इंकार करते हुए अर्जी खारिज कर दी है।

कोर्ट ने कहा अपराध की गंभीरता को देखते हुए जमानत नहीं दी जा सकती। याची के खिलाफ प्रयागराज के शाहगंज थाने में निवेशकों से पैसा जमा कराने व हजम करने के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई है।जिसकी विवेचना जारी है। कोर्ट ने कहा याची विवेचना में सहयोग नहीं कर रहा। ट्रायल कोर्ट ने गैर जमानती वारंट जारी किया है, कुर्की कार्यवाही शुरू की गई है। निवेशकों ने पुलिस को बयान दर्ज कर कहा है कि याची के कहने पर फर्म में पैसा जमा किया था।

यह आदेश न्यायमूर्ति जितेन्द्र कुमार सिन्हा ने दिया है। याची का कहना था कि उसे झूठा फंसाया गया है। उसका फर्म से कोई संबंध नहीं है। न ही वह फर्म से भागीदार के रूप में जुड़ा हुआ है। सह अभियुक्तों मोहम्मद काशिफ व मोहम्मद आसिफ ने निवेशकों से पैसा जमा कराया है। उसने ऐसा नहीं किया है। उन्हीं से धन की बरामदगी की गई है।

शिकायतकर्ता व सरकारी वकील ने जमानत का विरोध किया। कोर्ट ने कहा याची विवेचना में सहयोग नहीं कर रहा। वह कानूनी प्रक्रिया से बच रहा है।

निवेशकों ने इसके कहने पर पैसा जमा किया है। गैर जमानती वारंट जारी है। सत्र अदालत ने इसीलिए अग्रिम जमानत नहीं दी। यह फर्म का संस्थापक रहा है।

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