मुख्यमंत्री ने पार्टी मुख्यालय देहरादून में आयोजित पत्रकार वार्ता में एक सवाल पर कहा कि सरकार हर स्तर पर इस मार्ग के लिए गंभीर है और इस पर कार्य चल रहा है। निश्चित तौर पर यह मार्ग आवाजाही के लिए बनेगा।

गढ़वाल-कुमायूं को जोड़ने वाली लाइफ लाइन लालढांग-चिल्लरखाल मार्ग को लेकर चल रहा धरना 50वें दिन मे प्रवेश कर गया है। कोटद्वार के युवा प्रवीण थापा ने इस मुद्दे पर कोटद्वार से दिल्ली पैदल यात्रा की और जंतर मंतर पर धरना दिया। दूसरी ओर इस मुद्दे को कोटद्वार क्षेत्र के लोगों ने हाथों हाथ लिया और सैकडों की तादात मे लोग जुट गए। अब मार्ग को लेकर धरना लोगों की दिनचर्या बन गया है। लोगों ने 12 नवंबर को सीएम आवास कूच की घोषणा की है।

उधर 50 दिनों से मार्ग को लेकर आंदोलन चल रहा है, लेकिन अभी तक उनकी मांगों को लेकर सांसद अनिल बलूनी और विधायक ऋतु खंडूरी नहीं पहुंची हैं। क्षेत्रीय लोगों ने इस पर आक्रोश जताया है कि अपने प्रतिनिधियों की इस जन हित की मांग से दूरी बनाना अधिक कचोटने वाली है।

बेरोजगार संघ के प्रवक्ता प्रमोद काला ने कहा कि लालढांग चिल्लर खाल का मुद्दा कोई नया नहीं है। जनता की परेशानियों को घर-घर जाकर दावा करने वाली सरकार का दायित्व भी प्रतिनिधियों का ही है। अब एक जनहित की मांग को लेकर आंदोलन कर रही जनता को समर्थन देना सबका नैतिक दायित्व है।

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