यौन अपराधों के दोषी जेफ्री एपस्टीन को लेकर एक बार फिर चर्चाएं तेज हैं। इस बार सवाल यह उठाया जा रहा है कि क्या एपस्टीन, इजरायल की खुफिया एजेंसी मोसाद के लिए काम करता था, खासकर पूर्व इजरायली प्रधानमंत्री एहुद बराक के कार्यकाल के दौरान। हालांकि, इजरायल के शीर्ष सरकारी अधिकारियों और पूर्व खुफिया प्रमुखों ने इन दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया है।
इजरायली प्रधानमंत्रियों का सख्त इनकार
इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सोशल मीडिया मंच X पर लिखा कि एपस्टीन और एहुद बराक की नजदीकी यह साबित नहीं करती कि एपस्टीन इजरायल के लिए काम करता था, बल्कि “यह इसके ठीक उलट संकेत देती है।” उन्होंने बराक पर तीखा हमला करते हुए कहा कि वह वर्षों से इजरायली लोकतंत्र को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं। पूर्व प्रधानमंत्री नफ्ताली बेनेट ने भी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा, “100 प्रतिशत निश्चितता के साथ कह सकता हूं कि जेफ्री एपस्टीन का मोसाद या इजरायल से कोई लेना-देना नहीं था। उसने कभी मोसाद के लिए काम नहीं किया।” पूर्व मोसाद प्रमुख योसी कोहेन ने भी कहा कि एपस्टीन का खुफिया एजेंसी से “बिल्कुल कोई संबंध नहीं” था।
DOJ दस्तावेजों से क्या सामने आया?
अमेरिकी न्याय विभाग (DOJ) ने एपस्टीन से जुड़े 30 लाख से अधिक पन्नों के दस्तावेज जारी किए हैं। 30 जनवरी को जारी अंतिम दस्तावेज़ी खेप में कई प्रभावशाली लोगों के नाम सामने आए, लेकिन कहीं भी यह साबित नहीं होता कि एपस्टीन मोसाद का एजेंट था। इन दस्तावेजों में ईमेल, वित्तीय रिकॉर्ड और निजी संपर्कों का उल्लेख है, जिनकी जांच अब और तेज हो गई है।
एपस्टीन- बराक संबंध
एहुद बराक ने स्वीकार किया कि उनकी एपस्टीन से मुलाकातें हुई थीं और उन्होंने इस संबंध पर “अफसोस” भी जताया है। बराक के कार्यालय के अनुसार, उन्होंने कभी किसी अवैध या अनुचित गतिविधि में भाग नहीं लिया। बराक ने कहा कि अमेरिका यात्राओं के दौरान वह कभी-कभार एपस्टीन के न्यूयॉर्क स्थित आवास पर डिनर या मीटिंग में शामिल हुए थे, लेकिन उन्होंने कभी कोई गलत आचरण नहीं देखा। दस्तावेजों के अनुसार, बराक और उनकी तत्कालीन पत्नी नवा बराक एपस्टीन के न्यूयॉर्क अपार्टमेंट में ठहरे थे और कुछ व्यावसायिक परिचय भी एपस्टीन के जरिए हुए थे। हालांकि, ये सभी बातें व्यक्तिगत संपर्क तक सीमित बताई गई हैं। फिलहाल उपलब्ध दस्तावेजों और इजरायल के शीर्ष नेताओं के बयानों के आधार पर यह स्पष्ट है कि जेफ्री एपस्टीन के मोसाद एजेंट होने का दावा अफवाहों और अटकलों पर आधारित है, जिसका कोई ठोस सबूत सामने नहीं आया है।
