लेकर अस्पताल पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने देखते ही मृत घोषित कर दिया।
जानकारी के अनुसार, कमासिन थाना क्षेत्र के बीरा गांव निवासी मनोज सिंह का आठ वर्षीय बेटा आदर्श बुधवार की शाम करीब छह बजे घर के बाहर मंदिर के पास खेल रहा था, तभी उसे पैर में जलन महसूस हुई। आदर्श ने तुरंत यह बात अपने परिजनों को बताया, लेकिन उन्होंने इसे सामान्य कीड़े का काटना समझकर मामूली बात मान ली। कुछ देर बाद उसकी तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। परिजन उसे इलाज के लिए पास के कठार गांव के ओझा के पास ले गए, जहां दवा देने के बाद भी हालत में सुधार नहीं हुआ और उसने उल्टी हाेने लगी। स्थिति गंभीर देख परिजन आदर्श को तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कमासिन ले गए, जहां मौजूद चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. हेमंत विशेन ने गुरुवार काे बताया कि एक बालक को देर रात मृत अवस्था में अस्पताल लाया गया था। उसका शरीर नीला पड़ चुका था, जिससे स्पष्ट था कि जहर पूरे शरीर में फैल चुका था। अगर परिजन झाड़-फूंक के चक्कर में न पड़ते और समय से बच्चे को अस्पताल ले आते तो शायद उसकी जान बचाई जा सकती थी। परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया और इस संबंध में लिखित सहमति भी दी है।
