उन्होंने कहा कि योजनाओं का लाभ लेकर माटीकला व्यवसाय को आगे बढ़ाया जा सके। इससे इस कारोबार से जुड़े परिवारों की आर्थिक स्थित बेहतर बनेगी। माटी के बने तरह-तरह के उत्पाद जैसे माटी का कुकर, कढ़ाही, तवा तथा अन्य सजावटी सामान आदि बनाकर बाजार में अच्छे दाम पर बिक्री कर अपने जीवन स्तर को ऊंचा उठा सकें।
–मण्डल स्तरीय माटीकला पुरस्कार से सम्मानित हुए मूुर्तिकार व शिल्पकार
उत्तर प्रदेश माटीकला बोर्ड-प्रयागराज के तत्वावधान में मण्डल स्तरीय माटीकला पुरस्कार योजना के तहत मण्डल स्तरीय माटीकला पुरस्कार वितरण कार्यक्रम का आयोजन कटरा स्थित एक गेस्ट हाउस में गुरूवार को किया गया। पुरस्कार कार्यक्रम में प्रयागराज मण्डल के जनपदों, प्रयागराज, प्रतापगढ़, फतेहपुर व कौशाम्बी से प्रजापति समाज से जुड़े अनेकों मूर्तिकारों एवं शिल्पकारों ने अपनी-अपनी स्वरचित कला कृतियों के साथ प्रतिभाग किया। जिनमें उत्कृष्टता के आधार पर प्रथम, द्वितीय व तृतीय पुरस्कार के रूप में निर्णायक मण्डल रवीन्द्र नाथ कुशवाहा, सदस्य राज ललित कला अकादमी, तलत महमूद, कला अध्यापक, सौमिक नन्दी, असिसटेन्ट प्रोफसर इलाहाबाद विश्वविधालय साधना गोस्वामी, कला अध्यापिका, बेथनी कान्वेंन्ट स्कूल नैनी ने चयन किया। जिसमें प्रथम पुरस्कार प्रयागराज के जंगबहादुर प्रजापति, द्वितीय पुरस्कार प्रयागराज की श्रीमती स्वेता प्रजापति, तृतीय पुरस्कार प्रतापगढ़ के धर्मेंद्र कुमार प्रजापति को प्रदान किया गया। जिसमें क्रमशः प्रथम, द्वितीय व तृतीय को पुरस्कार स्वरूप क्रमशः 15000, 12000, 10000 हजार की धनराशि चेक के माध्यम से तथा प्रमाण-पत्र एवं स्मृति-चिन्ह और अंग-वस्त्र प्रदान किया गया।
इस अवसर पर जिला एवं परिक्षेत्रीय ग्रामोद्योग अधिकारी प्रयागराज जवाहर लाल ने माटीकला बोर्ड की योजनाओं पर प्रकाश डालते हुए उपस्थित सभी माटीकला समाज के लोगों से योजनाओ का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर सुनील कुमार, ओम प्रकाश मौर्य, नन्द लाल पटेल, महेंद्र कुशवाहा, विश्राम, अमित कुमार, राम लाल, दिनेश दूबे, आशीष यादव, अनुज उपाध्याय, राजेश पाण्डेय आदि उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन राकेश मोहन गुप्ता, ज्येष्ठ लेखा परीक्षक परिक्षेत्रीय ग्रामोद्योग कार्यालय प्रयागराज ने किया।
————–
