नई दिल्ली, 11 अगस्त । दिल्ली उच्च न्यायालय शिर्डी साईं बाबा के बारे में अपमानजनक और भड़काऊ कंटेंट हटाने पर केंद्र सरकार को विचार करने का आदेश देगा। जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा की बेंच ने कहा कि इस बारे में विस्तृत आदेश अपलोड किया जाएगा।
कोर्ट ने कहा कि इस बारे में भी आदेश दिया जायेगा कि केंद्र सरकार कितने दिनों में इस मामले पर फैसला करेगी। याचिका श्री साईंबाबा संस्थान ट्रस्ट ने दायर की थी। याचिकाकर्ता शिर्डी के साईंबाबा समाधि मंदिर की प्रबंधन करने वाली निकाय है। याचिका में कहा गया है कि यूट्यूब पर साईंबाबा को लेकर कुछ वीडियो अपमानजनक और भड़काऊ हैं।
वकील प्राची दूबे के जरिये दायर याचिका में कहा गया है कि वीडियो के कंटेंट में साईं बाबा को लेकर कई अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया गया है। याचिका में कहा गया है कि साईंबाबा को ‘चांद मियां’, ‘जिहादी‘, ‘ब्रिटिश जासूस‘, ‘हत्यारा‘, ‘डकैत‘ और ‘धर्म परिवर्तन कराने वाला‘ कहा गया है। याचिका में कहा गया है कि साईं बाबा को लेकर इस तरह के वीडियो का सच्चाई से कोई लेना-देना नहीं है। इस तरह के कंटेंट वाले वीडियो का न तो इतिहास से कोई लेना-देना है और न ही निष्पक्ष आलोचना है। याचिका में कहा गया है कि साईं बाबा को लेकर इस तरह के कंटेंट वाले वीडियो भड़काऊ किस्म के हैं और उनके धार्मिक सद्भाव बिगड़ सकता है।
याचिकाकर्ता ने इसके पहले आईटी रूल्स के तहत यूट्यूब और गूगल से इस संबंध में शिकायत की थी। यूट्यूब और गूगल को आपत्तिजनक कंटेंट वाले वीडियो के यूआरएल (वेबलिंक) उपलब्ध कराए गए थे, लेकिन यूट्यूब और गूगल ने इन वीडियो को हटाने से इनकार कर दिया। उसके बाद याचिकाकर्ता ने केंद्र सरकार की शिकायत अपीलीय कमेटी के समक्ष अपनी शिकायत रखी, लेकिन वहां से भी कोई राहत नहीं मिली, जिसके बाद याचिकाकर्ता ने उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया।
