मंगलवार तड़के करीब नौ घंटे तक घने कोहरे के कारण राष्ट्रीय राजधानी के कुछ हिस्सों में विजिबिलिटी घटकर 50 मीटर तक रह गई, जिससे फ्लाइट और रेल दोनों ऑपरेशन प्रभावित हुए। एक्सपर्ट्स ने बताया कि यह कोहरा पिछले पश्चिमी विक्षोभ से आई नमी के कारण था, जिसका असर बुधवार तक खत्म हो जाएगा।

शहर में सबसे कम विजिबिलिटी सफदरजंग में 50 मीटर रिकॉर्ड की गई, इसके बाद पालम में 100 मीटर रही। IMD के एक अधिकारी ने बताया, “सोमवार रात से ही विजिबिलिटी तेजी से कम होने लगी थी और रात 11:30 बजे तक यह 100 मीटर तक पहुंच गई थी। मंगलवार सुबह 8:30 बजे तक यह इसी रेंज में बनी रही।”

IMD कोहरे को “हल्का” तब मानता है जब विजिबिलिटी 1,000-500 मीटर के बीच होती है; “मध्यम” 500 और 200 मीटर के बीच; “घना” 199 और 50 मीटर के बीच; और “बहुत घना” 50 मीटर से कम होने पर। हालांकि दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल (IGI) एयरपोर्ट पर कोई भी फ्लाइट कैंसिल या डायवर्ट नहीं की गई, लेकिन फ्लाइट ट्रैकिंग वेबसाइट FlightRadar24 ने दिखाया कि दिन भर में 500 से ज़्यादा फ्लाइट्स लेट हुईं, जिनमें मुख्य रूप से डिपार्चर शामिल थे। औसत देरी का समय लगभग 30 मिनट था। राजधानी आने-जाने वाली 50 से ज़्यादा ट्रेनें भी दिन के शुरुआती घंटों में लेट हुईं।

मौसम विभाग ने सुबह के समय और दोपहर से पहले घने कोहरे को लेकर ‘येलो अलर्ट’ जारी किया। ‘येलो अलर्ट’ एक प्रारंभिक चेतावनी होती है, जो यह संकेत देती है कि खराब मौसम की स्थिति बन सकती है जिसकी वजह से दैनिक गतिविधियां प्रभावित हो सकती हैं।

केंद्रवार आंकड़ों के मुताबिक, पालम में न्यूनतम तापमान 9.4 डिग्री सेल्सियस, लोधी रोड में 8.3 डिग्री, रिज में 9.2 डिग्री और आया नगर में 8.6 डिग्री सेल्सियस रहा। दिल्ली में सुबह नौ बजे वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 319 दर्ज किया गया, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आता है।

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार, शून्य से 50 के बीच एक्यूआई ‘अच्छा’, 51 से 100 ‘संतोषजनक’, 101 से 200 ‘मध्यम’, 201 से 300 ‘खराब’, 301 से 400 ‘बहुत खराब’ और 401 से 500 ‘गंभीर’ श्रेणी में माना जाता है।

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