नैनीताल, 04 फ़रवरी । नैनीताल के जिला एवं सत्र न्यायाधी प्रशांत जोशी ने जीएमएफएक्स ग्लोबल कंपनी के मालिक विमल रावत पुत्र भोला सिंह रावत निवासी आदर्श कॉलोनी किशनपुर रामपुर रोड देवलचौड़ हल्द्वानी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 3(5), 316(5), 318 तथा उत्तराखंड जमाकर्ता हित संरक्षण अधिनियम की धारा 3 के अंतर्गत दर्ज मामले में जमानत प्रार्थना पत्र को गंभीर आरोपों को देखते हुए खारिज कर दिया। यह मामला है।
अभियोजन के अनुसार 18 जनवरी 2026 को पार्थ परासर निवासी कपिल कॉलोनी बड़ी मुखानी हल्द्वानी ने शिकायत दर्ज कराई थी कि 22 नवंबर 2024 को जीएमएफएक्स ग्लोबल कंपनी के मालिक विमल रावत, रूबी रावत और अनूप कंडारी ने एक योजना के तहत 25 से 30 महीनों में निवेश राशि दोगुनी करने का आश्वासन दिया था।
आरोप है कि निवेश को मार्केट ट्रेडिंग में लगाने, अधिक ब्याज देने और धन पूरी तरह सुरक्षित होने का भरोसा देकर रिपोर्टकर्ता से 10 लाख रुपये का निवेश कराया गया, आंशिक भुगतान के बाद शेष धनराशि वापस नहीं की गई और बाद में संपर्क भी बंद कर दिया गया।
जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी सुशील कुमार शर्मा ने जमानत का विरोध करते हुए न्यायालय को बताया कि आरोपित ने अपनी पत्नी और सहयोगी के साथ मिलकर 10 जनवरी 2023 को डहरिया क्षेत्र में जीएमएफएक्स ग्लोबल लिमिटेड नाम से फर्जी कंपनी स्थापित की और लगभग छह हजार लोगों से धन जमा कराया। अभियोजन के अनुसार आरोपितों ने लगभग 39 करोड़ रुपये की धनराशि हड़प ली जबकि कंपनी को किसी भी प्रकार का बैंकिंग या वित्तीय योजनाएं चलाने का अधिकार नहीं था। इसलिए उनका कृत्य आरबीआई के प्रावधानों के विरुद्ध है।
न्यायालय ने अपने आदेश में कहा कि प्रथम सूचना रिपोर्ट में आरोपित नामजद है और प्रथम दृष्टया यह स्पष्ट होता है कि शुरुआत से ही छल, धोखाधड़ी और प्रलोभन की मंशा मौजूद थी। न्यायालय ने इसे संगठित और निरंतर आर्थिक अपराध मानते हुए जमानत प्रार्थना पत्र को खारिज कर दिया।
