अयोध्या पस्वी छावनी पीठाधीश्वर जगतगुरु परमहंस आचार्य ने शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि जब तक स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगते और अपने कथित अपमानजनक बयान वापस नहीं लेते, तब तक उन्हें अयोध्या में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा।

सनातन संस्कृति और हिंदुत्व के बड़े प्रतीक हैं सीएम योगी 
अयोध्या में मीडिया से बातचीत के दौरान जगतगुरु परमहंस आचार्य ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ न केवल उत्तर प्रदेश के निर्वाचित मुख्यमंत्री हैं, बल्कि सनातन संस्कृति और हिंदुत्व के बड़े प्रतीक भी हैं। ऐसे में उनके खिलाफ अमर्यादित भाषा का प्रयोग करना किसी भी संत या धर्माचार्य को शोभा नहीं देता। उन्होंने कहा कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद द्वारा दिए गए बयान न केवल व्यक्तिगत हैं, बल्कि इससे संत समाज और हिंदू समाज की भावनाएं भी आहत हुई हैं।

अपने शब्द वापस ले  स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद
परमहंस आचार्य ने दो टूक कहा, “जब तक स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद योगी आदित्यनाथ से माफी नहीं मांगते और अपने शब्द वापस नहीं लेते, तब तक अयोध्या की पवित्र धरती पर उनका प्रवेश स्वीकार्य नहीं होगा।” उन्होंने यह भी कहा कि अयोध्या केवल एक नगर नहीं, बल्कि सनातन आस्था का केंद्र है और यहां मर्यादा का पालन अनिवार्य है। इस बयान के बाद संत समाज और राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। कुछ संतों ने परमहंस आचार्य के रुख का समर्थन किया है, वहीं कुछ लोगों का कहना है कि आपसी मतभेदों को संवाद के जरिए सुलझाया जाना चाहिए। हालांकि परमहंस आचार्य अपने रुख पर अडिग नजर आ रहे हैं। उन्होंने यह भी संकेत दिए कि यदि जरूरत पड़ी तो संत समाज की एक बैठक बुलाकर इस मुद्दे पर सामूहिक निर्णय लिया जाएगा। फिलहाल अयोध्या में इस बयान को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है और सभी की नजरें अब स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की प्रतिक्रिया पर टिकी हुई हैं।

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