उत्तर प्रदेश सरकार ने रविवार देर रात एक बड़ा प्रशासनिक reshuffle करते हुए राज्य में 127 से अधिक पीसीएस अधिकारियों का तबादला कर दिया। इस बदलाव से न केवल जिलों के प्रशासनिक ढांचे में नयापन आया है, बल्कि कुछ महत्वपूर्ण विभागों में भी नई ऊर्जा संचार की उम्मीद की जा रही है।

इस तबादला सूची में उप जिलाधिकारी (SDM), विशेष कार्याधिकारी (OSD), सहायक निदेशक, और अन्य प्रशासनिक पदों पर तैनात PCS अधिकारियों के नाम शामिल हैं। सूत्रों के मुताबिक, यह कदम शासन के सुशासन, पारदर्शिता और दक्षता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से उठाया गया है।

प्रमुख तबादले इस प्रकार हैं

  • 1.कुमार चंद्रबाबू, जो वर्तमान में सीतापुर के उपजिलाधिकारी (SDM) पद पर कार्यरत थे, उन्हें बदायूं का SDM नियुक्त किया गया है। चंद्रबाबू की गिनती उन अफसरों में होती है जिन्होंने राजस्व मामलों में विशेष दक्षता दिखाई है।
  • 2.संगीता राघव, जो अब तक सहारनपुर की SDM थीं, को लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) में विशेष कार्याधिकारी (OSD) नियुक्त किया गया है। यह एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक जिम्मेदारी मानी जा रही है, जहां शहरी नियोजन और विकास से जुड़े कई अहम फैसले लिए जाते हैं।
  • 3.श्वेता, जो मथुरा की SDM थीं, को उत्तर प्रदेश प्रशासन एवं प्रबंधन अकादमी में सहायक निदेशक बनाया गया है। यह पद प्रशासनिक प्रशिक्षण और नीति निर्माण से सीधे तौर पर जुड़ा हुआ है।
  • 4.अजय आनंद वर्मा, जो लखनऊ मेट्रो परियोजना में विशेष कार्याधिकारी के तौर पर कार्य कर रहे थे, को अब औरैया का SDM बनाया गया है। मेट्रो परियोजना के तकनीकी अनुभव के चलते उम्मीद है कि वे औरैया में विकास कार्यों में तेजी ला सकेंगे।
  • 5.शशि भूषण पाठक, जो वर्तमान में OSD, LDA थे, को अमरोहा का SDM बनाया गया है। शहरी नियोजन और भूमि प्रबंधन में उनके अनुभव को देखते हुए यह तबादला रणनीतिक माना जा रहा है।

तबादलों की सूची में विविधता

इस बार के तबादलों में नवागत अधिकारियों से लेकर अनुभवी प्रशासनिक अधिकारियों तक को शामिल किया गया है। शासन की ओर से यह स्पष्ट संकेत है कि जनहित और दक्ष प्रशासन की प्राथमिकता में कोई समझौता नहीं किया जाएगा।अधिकारियों को उनके प्रदर्शन, दक्षता, और सेवा क्षेत्र में अनुभव के आधार पर नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। लखनऊ, आगरा, कानपुर, गाजियाबाद, वाराणसी, प्रयागराज जैसे प्रमुख जिलों में भी कई स्थानों पर अधिकारियों की अदला-बदली की गई है।

प्रशासनिक संतुलन की कोशिश

सरकार की मंशा प्रशासनिक संतुलन को बनाए रखने की भी रही है। इस सूची में कुछ ऐसे अधिकारी भी हैं जो लंबे समय से एक ही जिले में तैनात थे, उन्हें नए स्थानों पर भेजा गया है ताकि प्रशासनिक दृष्टिकोण से बदलाव सुनिश्चित हो सके।

जनता से संवाद बढ़ाने पर जोर

तबादलों के साथ शासन का फोकस अधिकारियों के जनता से सीधे संवाद को बढ़ाने पर है। कई जिलों में जनसुनवाई तंत्र को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में काम किया जाएगा। नई तैनाती पाने वाले अधिकारियों को साफ निर्देश दिए गए हैं कि जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान उनकी प्राथमिकता में हो।

विशेष प्रशिक्षण और समीक्षा

प्रदेश सरकार ने संकेत दिया है कि इन नए तैनात अधिकारियों को शीघ्र ही विभिन्न प्रशासनिक सुधारों और डिजिटल गवर्नेंस पर आधारित विशेष प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। साथ ही, उनके कार्यों की तिमाही समीक्षा की व्यवस्था भी बनाई गई है।
राज्य में अगले कुछ महीनों में पंचायत और निकाय चुनाव की तैयारी चल रही है। ऐसे में प्रशासनिक तंत्र को चुस्त-दुरुस्त बनाए रखना सरकार की प्राथमिकता है। इन तबादलों को इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, यह फेरबदल एक शुरुआती चरण है और आने वाले हफ्तों में एक और सूची जारी हो सकती है, जिसमें जिलाधिकारियों और वरिष्ठ PCS अधिकारियों के स्थानांतरण संभावित हैं।

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