समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को भारत को विकसित देश बनाने के लिए भगवान बुद्ध का रास्ता अपनाने की सलाह दी है। आगामी लोकसभा चुनाव की तैयारियों के तहत लखनऊ में आयोजित सपा ‘महासम्मेलन’ में यादव का खास जोर कुशवाहा, मौर्य, सैनी और शाक्य समुदाय को अपने साथ जोड़ने पर रहा। सम्मेलन में प्रदेश से मौर्य, कुशवाहा, शाक्य, सैनी समाज के विधायक, पूर्व विधायक, पदाधिकारी, नेता और प्रतिनिधि मौजूद रहे।
उन्होंने कहा कि लोकसभा में मुलायम सिंह यादव, शरद यादव और लालू प्रसाद यादव के साथ-साथ समेत दक्षिण भारत के नेताओं ने मांग की थी और उस समय की सरकार ने जातीय जनगणना कराने के लिए स्वीकार किया था, लेकिन आंकड़े नहीं जारी हुए थे। उन्होंने कहा, “हम समाजवादी लोग चाहते हैं कि जातीय जनगणना हो, और सभी जातियों को उनकी आबादी के अनुपात में हक और सम्मान मिले, लेकिन जिनकी संख्या आबादी में बहुत कम है वही जातीय जनगणना नहीं होने देना चाहते हैं। जब कभी भी समाजवादियों को मौका मिलेगा तो जातीय जनगणना कराकर सभी को उनके आबादी के अनुपात में हक और सम्मान दिलाने का काम करेंगे।” भाजपा सरकार को हर मोर्चे पर विफल बताते हुए यादव ने कहा कि जब कभी आकलन होगा और रिपोर्ट तैयार होगी तो यही निकलेगा कि नोटबंदी भाजपा सरकार का सबसे ‘भ्रष्ट फैसला’ था।