पश्चिम बंगाल भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने दावा किया कि 6 अप्रैल को रामनवमी के मौके पर बंगाल में लाखों हिंदू सड़कों पर उतरेंगे। 

इसके साथ ही मजूमदार ने प्रशासन से अपील की कि इस पर्व को शांतिपूर्ण तरीके से मनाने के लिए जरूरी इंतजाम किए जाएं।

सुकांत मजूमदार ने कहा, ” रामनवमी का त्योहार बंगाल में हजारों सालों से मनाया जाता रहा है। न सिर्फ बंगाली, बल्कि देश के हर कोने में लोग इसे धूमधाम से मनाते हैं। इस पर्व की मैं सबको बधाई देता हूं, सबको जय श्री राम। इसके साथ ही मैं ये भी कहना चाहूंगा कि किसी जुलूस के दौरान किसी भी तरह की बाधा डालने की कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”

इसके साथ ही उन्होंने प्रशासन से अनुरोध किया कि वह शांति बनाए रखने के लिए हर जरूरी कदम उठाए। मजूमदार ने कहा, “लाखों लोग सड़कों पर उतरकर भगवान राम का जन्मदिन मनाएंगे। प्रशासन को चाहिए कि वह व्यवस्था बनाए ताकि कोई परेशानी न हो। यह हमारा पुराना त्योहार है और इसे शांति से मनाने का हक सबको है।”

बता दें कि कलकत्ता हाई कोर्ट ने शुक्रवार (4 अप्रैल) को ही हिंदू संगठनों को कुछ शर्तों के साथ रामनवमी के दिन जुलूस निकालने की अनुमति दी है।

हाई कोर्ट ने रामनवमी के दिन निकलने वाले जुलूस में हथियार ले जाने की अनुमति नहीं दी है। साथ ही, जुलूस में भाग लेने वाले लोगों को पुलिस और प्रशासन के पास अपना पहचान पत्र जमा करना होगा। इन शर्तों के साथ हाई कोर्ट ने हावड़ा में अंजनी पुत्र सेना और विश्व हिंदू परिषद के रामनवमी जुलूस को अनुमति दे दी है। इस पर राज्य में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के नेता कुणाल घोष ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि जुलूस निकालने वालों को हाई कोर्ट की शर्तें माननी होंगी।

न्यायमूर्ति तीर्थंकर घोष की अध्यक्षता में कलकत्ता हाई कोर्ट ने अंजनी पुत्र सेना और विश्व हिंदू परिषद को सुरक्षा के लिहाज से अलग-अलग समय पर जुलूस निकालने का आदेश दिया है। इसके साथ ही, जुलूस में लोगों की संख्या को भी सीमित कर दिया गया है।

इससे पहले तीन अप्रैल को पश्चिम बंगाल की हावड़ा पुलिस ने सुरक्षा चिंताओं को देखते हुए रामनवमी पर शोभायात्रा निकालने की अंजनी पुत्र सेना की अर्जी खारिज कर दी थी। पुलिस ने यह कहते हुए इजाजत नहीं दी थी कि पिछले साल भी पुलिस ने शोभायात्रा निकालने की इजाजत नहीं दी थी। जिसके बाद अंजनी पुत्र सेना ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।

By admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Verified by MonsterInsights