सत्येन्द्र जैन की मानहानि याचिका पर सांसद बांसुरी स्वराज ने दाखिल किया जवाब
नई दिल्ली, 03 जून (हि.स.)। राऊज एवेन्यू सेशंस कोर्ट में मंगलवार काे भाजपा सांसद बांसुरी स्वराज ने दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन की ओर से दायर आपराधिक मानहानि याचिका खारिज करने के मजिस्ट्रेट कोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर जवाब दाखिल किया। स्पेशल जज जीतेंद्र सिंह ने इस मामले में दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के लिए अगली सुनवाई 4 जुलाई को करने का आदेश दिया।
मंगलवार काे सुनवाई के दौरान बांसुरी स्वराज की ओर से पेश वकील मान्या हसीजा और टी इलैयारासु ने कहा कि उन्होंने सत्येंद्र जैन की याचिका का जवाब 30 मई को ही दाखिल कर दिया था। सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों ने दलीलें रखने के लिए समय देने की मांग की, जिसके बाद कोर्ट ने 4 जुलाई को सुनवाई करने का आदेश दिया।
सेशंस कोर्ट ने मजिस्ट्रेट कोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर 7 मार्च को नोटिस जारी किया था। 20 फरवरी को एडिशनल चीफ जुडिशियल मजिस्ट्रेट नेहा मित्तल ने सत्येंद्र जैन की याचिका खारिज करने का आदेश दिया था। मजिस्ट्रेट कोर्ट में सुनवाई के दौरान बांसुरी स्वराज ने अपने जवाब में सत्येंद्र जैन की याचिका को राजनीति से प्रेरित बताया था। सुनवाई के दौरान बांसुरी स्वराज की ओर से पेश वकील ने कहा था कि जैन की ओर से लगाए गए आरोप दिल्ली में विधानसभा चुनाव की वजह से लगाए गए हैं। उन्होंने कहा था कि इस मामले में जैन न्यायिक हिरासत में भी रहे हैं।
याचिका में कहा गया था कि बांसुरी स्वराज ने 5 अक्टूबर 2023 को टीवी चैनल पर प्रसारित एक इंटरव्यू में उनकी छवि खराब करने वाले बयान दिए थे। इस बयान में बांसुरी स्वराज ने सत्येंद्र जैन को भ्रष्ट और फर्जी करार दिया था। ये बयान झूठे थे जिसका सच्चाई से कोई लेना-देना नहीं था।सत्येंद्र जैन ने याचिका में कहा था कि बांसुरी स्वराज का ये बयान उन्हें बदनाम करने के लिए दिया गया था। इस बयान के जरिये बांसुरी स्वराज बेजा राजनीतिक लाभ लेना चाहती थीं। इस इंटरव्यू को लाखों लोगों ने देखा। इससे उनकी छवि खराब करने की कोशिश की गई।
सत्येंद्र जैन के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति रखने और मनी लांड्रिंग के मामले चल रहे हैं। सत्येंद्र जैन को इस मामले में 30 मई, 2022 को गिरफ्तार किया गया था। सत्येंद्र जैन को 18 अक्टूबर, 2024 को जमानत मिली थी।
हिन्दुस्थान समाचार/संजय
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