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अपर पुलिस अधीक्षक कृपाशंकर ने पूरे मामले का खुलासा करते हुए सोमवार को बताया कि बैरिया थाने के अंतर्गत बकुलहा के पास 18 नवंबर को रेलवे ट्रैक पर एक अज्ञात महिला का सिर कटा हुआ शव मिला था। इसके लिए एसपी ने कई टीमें गठित की थीं। काफी छानबीन के बाद क्षेत्राधिकारी बैरिया मो फहीम कुरैशी एवं प्रभारी निरीक्षक विपिन कुमार सिंह की टीम को हत्या की इस गुत्थी को सुलझाने में सफलता मिली है।

उन्होंने कहा कि शव के आसपास पड़े कपड़ों, आधार कार्ड व अन्य साक्ष्यों के माध्यम से पहचान के प्रयास किये जा रहे थे। जांच में सामने आया कि मृतका टोला फत्तेराय की रहने वाली प्रीती थी उसका अभिषेक यादव पुत्र सुनील कुमार यादव के साथ प्रेम सम्बन्ध था और प्रीति के परिवार वाले विरोध कर रहे थे। पुलिस ने अभिषेक यादव के पिता से पूछताछ की तो उन्होंने जो बताया वह हैरान करने वाला था। अभिषेक के पिता ने पुलिस को बताया कि उनके पुत्र का टोला फत्तेराय की निवासिनी प्रीती से प्रेम प्रसंग हुआ। दोनों ने भागकर इसी वर्ष 30 सितम्बर को शादी कर ली थी। शादी करने के बाद दोनों पति-पत्नी की तरह रहने लगे। बाद में युवती के घर वाले मेरे ऊपर दबाव बनाने लगे की एक ही जाति-बिरादरी का मामला है, हमलोग आपस में संबंधी भी हैं। लिहाजा दोनों बच्चों को बुला लीजिए। सामाजिक रीति-रिवाज से शादी करा देंगे। अभिषेक प्रीति के परिजनों की बात में आकर 14 नवम्बर को प्रीती काे वापस लेकर आया। फिर 16 नवम्बर को रात में युवती को अपने साथ लेकर युवती के चाचा अशोक यादव के टोला फत्तेराय स्थित स्कूल मे लेकर आए। जहां पर युवती को उसके चाचा अशोक व भाई पिन्टू यादव को सुपुर्द कर दिये। जिसके बाद हम लोग घर चले गये और मैं फोन का इंतजार करने लगा कि वह शादी का दिन निर्धारित करके मुझे बतायेंगे। जिसके बाद उन लोगों का कुछ दिनों तक कोई फोन नहीं आया।

पुलिस के अनुसार अभिषेक के पिता को समाचार पत्रों से पता चला कि बकुल्हा के पास एक लाश मिली है। एएसपी ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर जांच चल रही थी तभी सोमवार को आर्या कुमार यादव उर्फ पिन्टू यादव पुत्र रामभरोसा यादव निवासी टोला फत्तेराय थाना बैरिया को पुरानी रेलवे क्रासिंग के पास से हिरासत में लिया गया। जिसके कब्जे से एक चाकू मिला। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि प्रीति की हत्या उसने और उसके चाचा ने की थी। उसने पूरी कहानी बयां करते हुए बताया कि मेरी बहन प्रीती यादव का पैर मेरे चाचा अशोक ने पकड़ लिया था मैंने उसका गला दबा दिया। जिसके बाद उसका शरीर शांत हो गया और उसकी सांसे रुक गईं। फिर थोड़ी देर बाद उसकी लाश को एक कम्बल में लपेट दिया और रात में ही उसे मोटरसाइकिल पर लादकर रेलवे लाइन के किनारे सूनसान स्थान पर लेकर गए। जहां रेलवे ट्रैक के पास जल जमाव था वहां हमने मिलकर चाकू से उसकी गर्दन काटी और गर्दन को चलती ट्रेन के सामने फेंक दिया। उन्होंने कहा कि हत्या के दौरान जिस अपाची मोटरसाइकिल का इस्तेमाल हुआ, उसका नंबर भी नहीं था।

By editor

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