अयोध्या, 29 सितंबर । विश्व हिन्दू परिषद मातृशक्ति दुर्गा वाहिनी अयोध्या ग्रामीण की बहनों और बच्चियों ने शस्त्र पूजन कार्यक्रम का आयोजन किया। कार्यक्रम में बहनों ने मां दुर्गा के रुौद्र रूप महिषासुर मर्दिनी स्वरूप की पूजा अर्चना की। मुख्य वक्ता जितेंद्र सिंह सह विभाग मंत्री अयोध्या विभाग ने कहा कि मातृशक्ति दुर्गा वाहिनी का शस्त्र पूजन करने का मुख्य उद्देश्य हमारी बच्चियों को अपनी सुरक्षा के लिए शस्त्र उठाना और शस्त्र चलाना सीखना है। उन्होंने कहा कि शस्त्र चलाने की शिक्षा से वह अपनी रक्षा स्वयं कर सकती हैं।

दुर्गा वाहिनी की स्थापना उस समय हुई,जब देश में युवतियों को सेवा ,सुरक्षा ,संस्कार के मंत्र से अभिमंत्रित करके हिंदू समाज को एक

नव्य, भव्य ,सामर्थ्यवान,बनाने वाले नित नए प्रयास हो रहे थे। दुर्गा वाहिनी की स्थापना आश्विन शुक्ल पक्ष अष्टमी विक्रम संवत 2041 को हुई थी।

दुर्गा वाहिनी युवतियों के सम्पूर्ण विकास में योगदान देने वाला संगठन है। इसकी उपयोगिता एवम महत्व को देखते हुए 07 मई 1994 दिन शनिवार को दिल्ली में संपादित अखिल भारतीय महिला सम्मेलन आयोजित किया गया,इस सम्मेलन को अखिल भारतीय युवा हिंदू महिला का स्वरूप देते हुए पूज्य साध्वी साध्वी ऋतंभरा को दुर्गावाहिनी की संयोजिका एवम सुश्री डॉक्टर निर्मला पुरोहित को सह संयोजिका बनाया गया।कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष उदयभान उपाध्याय ने करते हुए कहा हिंदू बालिकाओं के साथ आए दिन लव जेहाद जैसी घटनाएं हो रही हैं। अपनी सुरक्षा के लिए शस्त्र चलाने में बहन और बेटियों को पारंगत होना चाहिए।

कार्यक्रम में जिला संगठन मंत्री आलोक , मातृशक्ति संयोजिका श्रीमती मीना सिंह , सह संयोजिका वन्दना , रीना , नीलम , शोभावती , सन्तोष तिवारी , प्रखण्ड अध्यक्ष रविन्द्र , उपाध्यक्ष मंत्री ललित तिवारी , अंकित , शिवांशु , अरुण तिवारी , राम जियावन आदि कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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