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स्थानीय लोगों के अनुसार पूर्व में नगर पंचायत अध्यक्ष स्नेहलता शुक्ला द्वारा मंदिर की बाउंड्री, हैंडपंप और स्टील लाइट लगवाने का कार्य कराया गया था, लेकिन इसके बाद मंदिर की नियमित देखरेख और मरम्मत की ओर ध्यान नहीं दिया गया। वर्तमान में मंदिर की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है।

मंदिर परिसर में प्राचीन शिवलिंग के साथ नंदी महाराज, सती मां, हनुमान जी महाराज सहित अन्य देवी-देवताओं की मूर्तियां विराजमान हैं, जिनमें लोगों की गहरी आस्था है। नगरवासियों का कहना है कि औरैया जनपद में जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी द्वारा मंदिरों की देखरेख और संरक्षण के लिए विशेष प्रयास किए जाते हैं, लेकिन फफूंद के इस ऐतिहासिक शिवालय की ओर अब तक ध्यान नहीं दिया गया है।

स्थानीय लोगों ने बताया कि यह मंदिर मुस्लिम आबादी के बीच स्थित है और पूर्व में इसकी देखरेख की जिम्मेदारी नगर पंचायत को दी गई थी। बावजूद इसके, मंदिर की मरम्मत को लेकर नगर पंचायत में कई बार मांग उठाई गई, लेकिन आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, जिसे लोग असंवेदनशीलता मान रहे हैं।

मंदिर की मरम्मत और संरक्षण की मांग करने वालों में सुमित दुबे, मनोज दुबे, अमित पेंटर, अंजू देवी, अजय कुमारी, गोपाल गुप्ता, मोनू गुप्ता, राममोहन, कंचन, श्यामू, रेनू गुप्ता (पत्रकार), सुरेश चंद्र गुप्ता उर्फ अद्धा बाबा सहित अन्य नगरवासी शामिल हैं। सभी ने प्रशासन से मांग की है कि इस ऐतिहासिक और आस्था के केंद्र शिव मंदिर का शीघ्र जीर्णोद्धार कराया जाए, ताकि धार्मिक विरासत सुरक्षित रह सके।

By editor

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