अमित शाह ने मीडिया कर्मियों से कहा कि हर परिवार को सालाना कम से कम 5000 रुपये की खादी खरीदनी चाहिए। चाहे वह चादर हो, तकिये के कवर हों, पर्दे हों या फिर तौलिए। जब आप ये चीज़ें खरीदते हैं, तो आप किसी के लिए रोज़गार पैदा करते हैं और हज़ारों गरीबों के जीवन में उजाला लाते हैं। जब आप स्वदेशी को अपनाते हैं, तो आप 2047 तक भारत को दुनिया में शीर्ष स्थान पर पहुंचाने के एक महत्वाकांक्षी अभियान से जुड़ जाते हैं। हज़ारों परिवारों ने अपने घरों में किसी भी विदेशी सामान का इस्तेमाल न करने का संकल्प लिया है। लाखों दुकानदारों ने अपनी दुकानों में विदेशी सामान न बेचने का संकल्प लिया है। उन्होंने देश की जनता से इन दोनों अभियानों को सफल बनाने की अपील की।
अमित शाह ने कहा कि देश में लंबे समय तक खादी और स्वदेशी दोनों को भुला दिया गया था। वर्ष 2003 में जब नरेन्द्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे, तब उन्होंने गुजरात में खादी को पुनर्जीवित करने के लिए एक बड़ा अभियान शुरू किया। इसके साथ ही 2014 से आज तक खादी का कारोबार सैकड़ों गुना बढ़कर 1.7 अरब रुपये तक पहुंच गया है। यह एक बहुत बड़ी उपलब्धि है।
