शिवनाथ त्यागी ने की निष्पक्ष जांच व पुजारी परिवार को सुरक्षा देने की मांग

मुजफ्फरनगर। सरवट गेट उत्तरी स्थित लगभग 70 से 80 वर्ष पुराने प्राचीन शिव मंदिर की संपत्ति को लेकर गंभीर विवाद खड़ा हो गया है। स्थानीय निवासी शिवनाथ त्यागी पुत्र सुगन चन्द त्यागी, निवासी 231, उत्तरी सरवट गेट, मुजफ्फरनगर ने आरोप लगाया है कि कुछ कुछ लोगों ने मंदिर की संपत्ति को निजी बताकर श्री शिव मंदिर धर्मशाला (रजि.) समिति नाम से एक नई समिति गठित की और सहायक रजिस्ट्रार सोसायटीज, सहारनपुर कार्यालय में उसका पंजीकरण कराकर मंदिर परिसर पर कब्जे की कोशिश की जा रही है।

शिवनाथ त्यागी का कहना है कि नगर पालिका परिषद, मुजफ्फरनगर के अभिलेखों में मंदिर की संपत्ति श्री शिव मंदिर सभा समिति के नाम दर्ज है, जो प्रारंभ से ही मंदिर का प्रबंधन करती रही है। इसके बावजूद, नई समिति के तथाकथित पदाधिकारियों ने झूठे शपथपत्रों और भ्रामक दस्तावेजों के आधार पर मंदिर को अपने पूर्वजों की संपत्ति बताकर पंजीकरण प्रक्रिया पूरी की।त्यागी के अनुसार, इस समिति का गठन पूरी तरह अवैध तरीके से किया गया, न तो कोई आम सभा बुलाई गई और न ही चुनाव कराए गए। समिति के पद आपस में बांट लिए गए और उसके बाद मंदिर परिसर के निर्माण को तोड़ने का कार्य शुरू कर दिया गया।

उन्होंने बताया कि जीर्णोद्धार के नाम पर खुलेआम चंदा वसूली की जा रही है, लेकिन उसका कोई लेखा-जोखा सार्वजनिक नहीं किया गया।शिवनाथ त्यागी ने कहा कि मंदिर में पिछले 65 वर्षों से दिवंगत पुजारी नारायण दत्त बसालियाल का परिवार रह रहा है। वर्तमान में उनके पुत्र आयुष बसालियाल मंदिर के पुजारी हैं। नई समिति द्वारा इस पुजारी परिवार पर लगातार मंदिर खाली करने का दबाव बनाया जा रहा है और उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है।त्यागी ने यह भी बताया कि लगभग छह माह पूर्व मंदिर परिसर में स्थित शौचालय को तोड़ दिया गया, जिससे पुजारी परिवार को भारी असुविधा झेलनी पड़ रही है।

इसके अलावा, मंदिर के दक्षिण-पश्चिम कोने पर स्थित पीपल देव को भी अवैध रूप से काटने की प्रक्रिया चलाई गई थी। एक श्रद्धालु द्वारा कटाई की जानकारी देने पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई रोकी, लेकिन तब तक पेड़ का काफी हिस्सा काटा जा चुका था।शिवनाथ त्यागी ने आरोप लगाया कि समिति के सदस्य मंदिर परिसर को व्यावसायिक गतिविधियों के लिए उपयोग में लाना चाहते हैं। दुकानों के निर्माण की शुरुआत भी की गई थी, जिसे हिंदू संगठनों और स्थानीय निवासियों के विरोध के कारण रोका गया |

त्यागी ने यह भी कहा कि नई समिति के एक पदाधिकारी के खिलाफ गंभीर आपराधिक मामला दर्ज है और वे आजीवन कारावास की सजा के बाद वर्तमान में जमानत पर हैं।उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि मंदिर की संपत्ति को हड़पने की इस साजिश की निष्पक्ष जांच कर श्री शिव मंदिर सभा समिति के वास्तविक अधिकार बहाल किए जाएं और पुजारी परिवार को सुरक्षा प्रदान की जाए। इसके आलावा मंदिर की पैमाइश भी की जाए जिस से मंदिर के सम्पूर्ण क्षेत्रफल की वास्तविकता उजागर हो।

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