कानपुर, 13 फरवरी । कानून व्यवस्था की घटनाओं से लेकर लाल इमली मिल, पनकी पावर प्लांट, गंगा में गिरते नालों, जाम की समस्या और चुनावी प्रक्रिया तक—समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कानपुर में मीडिया के सामने भाजपा सरकार पर एक के बाद एक तीखे सवाल दागते हुए घेरा। उन्होंने कहा कि औद्योगिक पहचान वाला यह शहर विकास की बजाय विवादों और बदइंतजामी के कारण चर्चा में है।
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव शुक्रवार काे निजी कार्यक्रमों में शिरकत करने कानपुर पहुंचे। पत्रकार वार्ता के दौरान उन्होंने कार पलटने की घटनाओं, पुलिस-वकील गुटबाजी और कथित एनकाउंटर मामलों का जिक्र करते हुए कहा कि इससे शहर की छवि धूमिल हुई है। ब्राह्मण मां-बेटी की झोपड़ी जलाने की घटना, सीएमओ और जिलाधिकारी विवाद तथा लाल इमली के बंद होने को उन्होंने प्रशासनिक विफलता बताया। गंगा में गिरते प्रदूषित नालों पर निशाना साधते हुए कहा कि स्मार्ट सिटी का दावा करने वाली सरकार जाम और गंदगी पर नियंत्रण नहीं कर पा रही है।
उन्होंने पनकी पावर प्लांट का मुद्दा उठाते हुए कहा कि इससे बिजली संकट दूर हो सकता था, लेकिन सरकार इच्छाशक्ति नहीं दिखा सकी। कानपुर में उद्योग और निवेश की संभावनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि अनुकूल नीतियां हों तो शहर फिर से औद्योगिक हब बन सकता है।
चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए उन्होंने एसआईआर और फार्म-7 को लेकर आपत्ति जताई। केंद्र की ‘मेक इन इंडिया’ नीति, शिक्षा व्यवस्था और बजट को लेकर भी उन्होंने सरकार को घेरा।
लैंबॉर्गिनी दुर्घटना मामले पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा, हथेली गरम, पुलिस नरम।
