यात्रा गोमती नदी के तट से शुरू होकर लगभग दो किलोमीटर दूर स्थित प्राचीन पौराणिक मंदिर बाबा जागेश्वर नाथ धाम तक पहुंची। श्रद्धालुओं ने साष्टांग दंडवत करते हुए यह यात्रा पूरी की। मंदिर पहुंचकर भक्तों ने भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया।

मान्यता है कि जो लोग सच्चे मन से प्रार्थना करते हैं, बाबा जागेश्वर नाथ उनकी मुराद जरूर पूरी करते हैं। जिन लोगों की मनोकामनाएं पूरी हुई हैं, वे साष्टांग दंडवत लेटकर गोमती नदी के तट से बाबा के दरबार तक पहुंचते हैं। इस यात्रा में कई ऐसे भक्त शामिल थे जो कई वर्षों से इसमें भाग ले रहे हैं।

कार्यक्रम के आयोजक विमल सिंह ने बताया कि यह परंपरा लगभग 15 वर्षों से चल रही है। उन्होंने बताया कि एक भक्त द्वारा भगवान जागेश्वर नाथ से मांगी गई मन्नत पूरी होने के बाद से यह कार्यक्रम शुरू हुआ। तब से हर साल हजारों शिवभक्त आदि गंगा गोमती से जल लेकर जागेश्वर नाथ मंदिर पहुंचकर जलाभिषेक करते हैं। इस साष्टांग दंडवत यात्रा में छोटे-छोटे बच्चे भी शामिल हुए, जिससे यात्रा और भी भव्य हो गई।

By editor

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