alrampur News: उत्तर प्रदेश का बलरामपुर जिला इन दिनों एक बार फिर सुर्खियों में है। पहले यहां धर्मांतरण गैंग का मामला सामने आया था और अब देश का सबसे बड़ा साइबर फ्रॉड पकड़ा गया है। पुलिस ने इस मामले में 17 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है, जो लोगों को लोन और गेमिंग ऐप के जरिए ठगते थे। इस गिरोह ने अब तक करीब 1 अरब 20 करोड़ रुपए (₹120 करोड़) की ठगी की है। इसका नेटवर्क भारत से नेपाल और पाकिस्तान तक फैला हुआ है।

कैसे करते थे ठगी?
आरोपी लोगों को चाइनीज लोन ऐप, गेमिंग ऐप और ऑनलाइन सट्टा एप्स के जरिए जाल में फंसाते थे। जो पैसा लोग इन ऐप्स में जमा करते थे, उसे ये लोग क्रिप्टोकरेंसी (USDT) में बदलकर विदेशों में भेज देते थे। पैसा ट्रांसफर करने के लिए Binance वॉलेट का इस्तेमाल होता था, जिससे रकम नेपाल और पाकिस्तान तक पहुंचती थी। इस पूरे सिस्टम में काम करने वाले एजेंटों को 2-3% कमीशन मिलता था। रोजाना बैंक खातों से लाखों की नकदी निकाली जाती और कैश डिपॉजिट मशीनों से ठगों के खातों में जमा कर दी जाती थी।

पाकिस्तान भेजे गए करोड़ों रुपए
बलरामपुर पुलिस ने इस गिरोह की जांच के लिए एक SIT (Special Investigation Team) बनाई। मामले की शुरुआत 18 जुलाई 2025 को ललिया थाना में दर्ज मुकदमे से हुई। जांच में पता चला कि 3 स्थानीय युवक लोगों के नाम पर फर्जी बैंक खाते खुलवाते और एटीएम कार्ड व सिम कार्ड ठगों को देते थे। पुलिस ने दिल्ली से मास्टरमाइंड सस्पियर (बिहार निवासी) को गिरफ्तार किया। उसके बिनांस अकाउंट से पाकिस्तान को भेजे गए करोड़ों रुपए के पक्के सबूत मिले हैं।

बड़ी रकम का ट्रांजैक्शन और टैक्स चोरी
अब तक की जांच में 85 बैंक खातों की पहचान हुई है। इनमें से 31 खातों से 24 करोड़ 30 लाख रुपए का लेनदेन सामने आया है। गिरोह ने शार्प पे, सुपर पे और ब्रो पे जैसे एप्स का भी इस्तेमाल किया। इनके जरिए सट्टा, टैक्स चोरी और दूसरे अवैध धंधे भी चल रहे थे।

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