दिल्ली-एनसीआर के आईटी हब नोएडा में नौकरी पाना पहले ही चुनौतीपूर्ण है लेकिन एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर के साथ जो हुआ उसने यहां के ‘वर्क कल्चर’ पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। महज 25 हजार रुपये महीने की सैलरी वाली नौकरी के लिए एक कैंडिडेट को 8 घंटे तक बैठाए रखा गया और अंत में बिना किसी ठोस बातचीत के उसे अपमानित कर घर भेज दिया गया।

वहीं रेडिट (Reddit) पर वायरल हुई एक पोस्ट के मुताबिक यह घटना नोएडा की एक सॉफ्टवेयर कंपनी की है। कंपनी ने वॉक-इन इंटरव्यू का आयोजन किया था जिसमें करीब 100 उम्मीदवार पहुंचे थे। सुबह 11 बजे से इंटरव्यू शुरू हुआ। इसमें ग्रुप डिस्कशन, दो तकनीकी राउंड और एक एचआर राउंड शामिल था। दोपहर 2 बजे तक ग्रुप डिस्कशन और पहला राउंड खत्म हुआ। शाम 4 बजे तक दूसरा टेक्निकल राउंड भी पूरा हो गया। 100 लोगों में से सिर्फ 6 कैंडिडेट को आखिरी यानी सीईओ राउंड के लिए चुना गया।

शाम 6:45 बजे शुरू हुआ CEO राउंड

उम्मीदवारों को लगा कि वे अब सिलेक्शन के बेहद करीब हैं लेकिन असली परीक्षा अभी बाकी थी। बिना किसी सूचना के घंटों इंतज़ार कराया गया। जो सीईओ राउंड सुबह या दोपहर में होना था वह आखिरकार शाम 6:45 बजे शुरू हुआ। तब तक कई उम्मीदवार हार मानकर जा चुके थे केवल 6 लोग ही वहां टिके रहे।

जब सॉफ्टवेयर इंजीनियर की बारी आई तो जो हुआ वह हैरान करने वाला था। सीईओ ने रिज्यूमे की ओर सरसरी निगाह डाली और बिना कोई सवाल पूछे कहा- यह क्या है? मुझे तो इसमें कुछ (काम का) दिख नहीं रहा। जब कैंडिडेट ने कहा कि सब कुछ साफ लिखा है, तो सीईओ ने बिना किसी बातचीत के कह दिया— “हो गया तुम्हारा इंटरव्यू।” इंजीनियर ने लिखा, मुझे लगा कि यह मेरे हुनर का टेस्ट नहीं बल्कि इस बात का टेस्ट था कि मैं कितना अपमान सह सकता हूं।

वहीं कैंडिडेट ने अपनी पोस्ट में एक गहरा संदेश दिया। उसने कहा कि इंटरव्यू एक दोतरफा प्रक्रिया है। अगर कोई कंपनी आपके समय और सम्मान की कद्र नहीं करती, तो वहां न चुना जाना ही आपके लिए बेहतर है। इस पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर लोग नोएडा की कंपनियों और ‘टॉक्सिक वर्क कल्चर’ को लेकर जमकर आलोचना कर रहे हैं।

एक यूजर ने चुटकी लेते हुए लिखा- 25 हजार की नौकरी के लिए 5 राउंड और इतना ड्रामा? ऐसी जगह से तो घर पर रहना ही बेहतर था।

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